- ग्रामीण फीडर से कनेक्शन होने की वजह से 24 घंटे नहीं हो सकेगी पेयजल आपूर्ति, जल निगम ने डीएम को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बिजली विभाग ने बबीना में बने 195 एमएलडी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को ग्रामीण फीडर से जोड़ दिया है। इससे उपकरणों की जांच (टेस्टिंग) अधर में है। जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण फीडर से कनेक्शन की वजह से न तो टेस्टिंग हो रही है और न ही 24 घंटे पेयजल आपूर्ति करना संभव होगा। जिलाधिकारी को पत्र भेजकर खुले तारों को बदलवाने तथा शहरी फीडर से कनेक्शन दिलाने की मांग की गई है।
जल निगम के अधिकारियों ने बताया कि बबीना में 110 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) 1994 में बना था, जो ग्रेविटी फोर्स पर चलता है। शासन ने जनता को 24 घंटे पेयजल आपूर्ति के लिए बबीना में 195 एमएलडी का डब्ल्यूटीपी बनाया है, जो शहर की वर्तमान मांग के अनुसार 45 एमएलडी पानी की आपूर्ति करने के लिए तैयार है। इसमें लगे उपकरणों की टेस्टिंग 24 घंटे चलाकर होगी है, जो ग्रामीण फीडर से कनेक्शन की वजह से नहीं हो रही है। इससे अप्रैल में पहाड़ी क्षेत्र में पेयजल लाइन बिछने का काम पूरा होने के बाद शहरवासियों को 24 घंटे पानी की आपूर्ति करना संभव नहीं होगा।
जल निगम के अधिशासी अभियंता अमित सहरावत ने डीएम को पत्र लिखकर कहा है कि खुले तार (एक्सएलपीई केबिल) बदलने के लिए 76 लाख रुपये चार दिसंबर 2024 को जमा करा दिए हैं मगर केबिल नहीं बदली है। ग्रामीण फीडर से कनेक्शन की वजह से 195 एमएलडी डब्ल्यूटीपी पर लगे उपकरणों की टेस्टिंग भी नहीं हो पा रही है। वहीं, बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता आरके दीक्षित (देहात) का कहना है कि टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। पूरा प्रयास है कि 10 दिन में काम पूरा करा दिया जाए।
0- अप्रैल में काम पूरा होने की संभावना
जल निगम के अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने का काम अप्रैल में पूरा हो जाएगा। प्रयास है कि शहरवासियों को समुचित पेयजल आपूर्ति मई में शुरू कर दी जाए। इसलिए जनरेटर चलाकर उपकरणों की टेस्टिंग करनी पड़ रही है, जिससे विभाग का काफी नुकसान हो रहा है।