अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम के निर्माण विभाग ने टेंडर में खेल कर दिया। समयसीमा खत्म होने के बाद गुपचुप तरीके से एक दिन के लिए निविदा की तारीख बढ़ा दी गई और फिर चहेते को एक वार्ड का काम दिला दिया। खास बात ये है कि तिथि बढ़ाने के लिए नगर आयुक्त से भी अनुमति नहीं ली है। अब मामले की शिकायत नगर विकास मंत्री से की गई है।
नगर निगम ने 28 अप्रैल को 60 वार्डों में 72 काम कराने के लिए टेंडर निकाले थे। ये काम 6.03 करोड़ रुपये से कराए जाने थे। निविदा डालने की अंतिम तिथि 19 मई की दोपहर तीन बजे तक थी। बताया गया कि तय समय तक वार्ड 55 में 7.63 लाख से कराए जाने वाले सड़क और नाली निर्माण के लिए किसी ने भी निविदा नहीं डाली। समयसीमा खत्म होने के करीब 36 मिनट बाद वेबसाइट पर शुद्धिपत्र डाला गया। इसमें बिड डालने की तिथि एक दिन के लिए बढ़ा दी गई। यानी कि अब 20 मई की दोपहर तीन बजे तक निविदा डल सकती थी। नियमानुसार इसके लिए नगर आयुक्त की अनुमति लेनी पड़ती है। मगर उनकी अनुमति लिए बिना ही शुद्धिपत्र वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया। इसके बाद एक फर्म को ये टेंडर भी मिल गया। मामला सामने आने पर नगर निगम प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
20 मिनट के अंदर धड़ाधड़ डल गईं तीन निविदाएं
तीन हफ्ते से जिस टेंडर को लेने में किसी भी फर्म ने रुचि नहीं दिखाई थी। निविदा का समय समाप्त होने के बाद गुपचुप तारीख बढ़ाने के बाद 20 मिनट के अंदर ही धड़ाधड़ तीन निविदाएं डाल दी गईं। पहली निविदा एक फर्म ने 19 मई को शाम 4:47 बजे डाली। उसके बाद 4:55 बजे दूसरी और फिर शाम 5:07 बजे तीसरी निविदा डल गई।
तय समयसीमा के बाद पता चल जाता कितनी निविदा आईं
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वार्ड 55 के काम में एक ठेकेदार ने 19 मई की शाम 4:28 बजे फीस जमा की। यह पूरी तरह गलत है। स्टाफ को शाम तीन बजे के बाद ही पता चल गया था कि ये टेंडर खाली जा रहा है। आरोप लगाया कि निर्माण विभाग में कुछ लोगों ने अपने खास से निविदा डलवाई है।
वर्जन..
मामले की जांच कराई जा रही है। जितने भी टेंडर इससे प्रभावित हुए हैं, उन्हें निरस्त करा दोबारा करवाया जाएगा। वार्ड 55 के कार्य के दोबारा टेंडर कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। अगर जांच में कोई दोषी मिलता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। - सत्य प्रकाश, नगर आयुक्त।