झांसी। शहर में 12 करोड़ रुपये से कराए जाने वाले सड़क निर्माण समेत दूसरे कार्यों के टेंडर नगर आयुक्त ने निरस्त कर दिए हैं। यह सभी ठेके रसूखदार ठेकेदारों ने इंजीनियरों की मदद से पूल कर लिए थे, जिसे ‘अमर उजाला’ ने उजागर कर दिया था। दोनों के बीच हुई सांठगांठ की पुष्टि फाइनेंशियल बिड खुलने के साथ हो गई। गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद नगर आयुक्त के निर्देश पर सभी टेंडर निरस्त कर दिए गए। मामले की आगे भी जांच कराई जा रही है।
नगर निगम ने सड़क निर्माण से संबंधित कई कार्यों के लिए दो माह पहले टेंडर निकाले थे। इसके जरिए करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बीस कार्य कराए जाने थे। इनमें वीरागंना लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के पास सड़क निर्माण, वार्ड नंबर 31, वार्ड संख्या 22 राजगढ़, वार्ड संख्या 34 नई बस्ती, वार्ड संख्या 24, वार्ड संख्या 20, वार्ड संख्या 30 एवं कोछा भंवर में प्रस्तावित बस अड्डे तक सड़क निर्माण समेत गौशालाओं का निर्माण कराया जाना था। निविदा निकलते ही ठेकेदार एवं अभियंताओं के बीच पूल बनाने का खेल शुरू हो गया। सबसे पहले 30 जनवरी को तकनीकी बिड खोली गई। इसमें चुनिंदा ठेकेदारों की बिड ही मंजूर हुई। इन सभी ठेकेदारों ने प्राइज बिड से दो से चार फीसद कम दरें डाली थीं। ठेकों को पूल करने की खबर ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से प्रकाशित की।
खबर प्रकाशित होने के बाद निगम अभियंताओं ने चुप्पी साध थी। काफी दिनों तक अभियंताओं ने मामला दबाए रखा। 17 फरवरी को इसकी फाइनेंशियल बिड खोली गई। इसमें भी वही दो से चार फीसदी रेट ही सामने आए। इससे ‘अमर उजाला’ के खबर की पुष्टि हो गई लेकिन मंजूरी के लिए फाइल जब नगर आयुक्त के पास पहुंची तब मामला पकड़ में आ गया। उन्होंने पूरी टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर पूरी टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी गई। नगर आयुक्त के मुताबिक जल्द नए सिरे से प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।