झांसी। रविवार रात अदालत में पेश करने के बाद सामूहिक दुष्कर्म के सभी आरोपियों को हाफिज सिद्दीकी नेशनल इंटर कॉलेज में बनी अस्थायी जेल में रखा गया। आरोपियों की रात बेचैनी में कटी। किसी ने भरपेट खाना भी नहीं खाया। सुरक्षा के मद्देनजर सभी को अलग-अलग बैरकों में रखा गया। मंगलवार सुबह उठकर सभी परिजनों का इंतजार करते रहे। आरोपी भरत के पिता जरूर मिलने पहुंचे थे, लेकिन उनको मिलने नहीं दिया गया।
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में थाना कुलपहाड़ निवासी रोहित कुमार सैनी, महोबा के जिला कबरई के छानी कला निवासी भरत कुमार कुशवाहा, गोंडा के थाना वजीरगंज अंतर्गत मोहल्ला पाठकपुरवा निवासी शैलेंद्र नाथ पाठक, थाना टहरौली के खिल्लावारी गांव निवासी मयंक शिवहरे, प्रयागराज के थाना थरवई निवासी विपिन तिवारी व मऊरानीपुर के रानीपुर अंतर्गत रौनयापुरा मोहल्ला निवासी मोनू पार्या को गिरफ्तार कर रात में ही हाफिज सिद्दीकी नेशनल इंटर कॉलेज में बनी अस्थायी जेल में भेज दिया गया था। रात में ही सभी को अलग-अलग बैरकों में भेजने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसकर्मी तैनात किए गए। जो रात भर आरोपियों पर नजर रखे रहे। रात में ही आरोपियों को खाना दिया गया था, लेकिन किसी ने भरपेट खाना नहीं खाया।
मंगलवार सुबह उठने के बाद आरोपी परिजनों का इंतजार करते रहे, दोपहर करीब 12.30 बजे आरोपी भरत के पिता लल्ला कुशवाहा जरूर मिलने पहुंचे थे, लेकिन नियमोें का हवाला देकर उनको वापस लौटा दिया गया। इसके अलावा, अन्य आरोपी के घर वाले मिलने नहीं पहुंचे।
दस दिन का मिला रिमांड
सोमवार रात अदालत में पेश करने के बाद पुलिस ने अदालत से रिमांड मांगा था। जिस पर रात में ही दस दिन के रिमांड की अदालत से मंजूरी मिली है। जिस पर पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। घटना को लेकर सिलसिलेवार तरीके से पूछताछ की जाएगी।
14 दिन बाद पहुंचेंगे जिला कारागार
सोमवार शाम सभी आरोपियों का पुलिस ने मेडिकल कराया गया था। साथ ही, सभी की कोरोना जांच भी कराई थी। कोरोना जांच रिपोर्ट आने के बाद भी सभी को अस्थायी जेल में रखने का नियम है। जिसके मुताबिक सभी को अस्थायी जेल में रखा गया है। 14 दिन के बाद सभी को जिला कारागार भेजा जाएगा।
अफसरों की निगरानी में जांच
मामले की जांच सीपरी पुलिस ने शुरू कर दी है। जांच की देखरेख एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी, एसपी देहात राहुल मिठास करेंगे। प्रतिदिन की गई जांच रिपोर्ट से एसएसपी को अवगत कराएंगे। यह पूरा प्रकरण शासान तक पहुंच चुका है। ऐसे में प्रतिदिन की रिपोर्ट अफसरों की देखरेख में कराई जा रही है।