प्रदेश के अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्रीकांत शर्मा ने एक सितंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से झांसी, जालौन और ललितपुर जिले की बिजली की समीक्षा की थी। इसमें सदर विधायक रवि शर्मा ने शिकायत की थी कि बिजली विभाग खराब मीटर बदलने के नाम पर मनमानी कर रहा है। कई उपभोक्ताओं के मीटर बेवजह बदल दिए गए।
पहले जिन का बिल एक हजार रुपये आता था, मीटर बदलने के बाद भी एक हजार रुपये ही आ रहा है। कई उपभोक्ता ऐसे भी हैं, जो मीटर चेक कराने के लिए कर्मचारियों के सीधे संपर्क में नहीं आए, उनकी रिकवरी जारी कर दी गईं। इसकी जांच कराई जाए। ऐसे एक नहीं अनेक उपभोक्ता हैं। इसे संज्ञान में लेकर ऊर्जा मंत्री ने जांच कराने के निर्देश दिए थे।
जांच करने के लिए टीम गठित
ऊर्जा मंत्री के निर्देशों का असर था कि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा के प्रबंध निदेशक ने प्रकरण की जांच करने के लिए टीम गठित कर दी। शुक्रवार को टीम ने जिले में डेरा डाल दिया। आगरा से आई तीन सदस्यीय टीम में मुख्य अभियंता डीके सक्सेना, अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा और सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार शामिल हैं। टीम ने यहां आकर बिजली कार्यालय में दस्तावेजों की जांच की। इसके अलावा विधायक से मिलकर वास्तविकता समझी। विधायक ने उन्हें पूरी जानकारी दी। टीम शनिवार को भी जांच करेगी। इसकी बाद अपनी रिपोर्ट प्रबंध निदेशक को सौंपेगी।
केस - एक
मोहल्ला गंदीगर का टपरा निवासी प्रवीण कुमार का बिजली का कोई बकाया नहीं था। इस बार के बिल में ग्यारह हजार रुपये अतिरिक्त जोड़ दिए गए। जब विभाग में जानकारी करने गए तो बताया कि पूर्व में आपका मीटर जल गया होगा। मीटर बदलने का बकाया है। उन्होंने बताया कि मीटर चार साल पहले बदला गया था और कोई भी बकाया नहीं था, इसके बाद भी बकाया भेज दिया।
केस- दो
मोहल्ला सूजे खां खिड़की निवासी संजीव कुमार सोनी ने बताया कि 2016 में उनका बिजली का मीटर खराब हो गया था। मीटर बदलवा लिया था। विभाग ने 11,370 का नोटिस जारी किया, लेकिन मैं पैसा जमा नहीं कर सका। बाद में 10 जून 2017 को एक लाख 29 हजार 418 रुपये का नोटिस विभाग ने जारी किया। तीन किस्तों में पूरा पैसा जमा कर दिया। अब कोई बकाएदारी नहीं रही। छह अगस्त को बिल 3117 रुपये और 11370 रुपये बकाएदारी जोड़कर बिल थमा भेज दिया।