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रिश्तेदारों के नाम पर कॉलेज चला रहे शिक्षकों पर अब गिरेगी गाज

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झांसी। रिश्तेदारों के नाम पर और पार्टनरशिप में कॉलेज चलाने वाले बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के शिक्षकों की पहचान शुरू कर दी गई है। कुछ नाम भी बीयू अधिकारियों के संज्ञान में आए हैं। इन शिक्षकों से परीक्षा से लेकर गोपनीय कामों से तत्काल हटाने के निर्देश जारी हो गए हैं।
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बुधवार को बीएससी द्वितीय वर्ष के फिजिक्स का द्वितीय प्रश्नपत्र पेपर लीक होने के बाद से अमर उजाला विश्वविद्यालय प्रशासन की तमाम खामियों को उजागर कर रहा है। शनिवार को भी बीयू और डिग्री कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के परिजनों के नाम पर चलने वाले महाविद्यालय की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि कॉलेज चलाने वाले बीयू के शिक्षकों को ही अधिकारी मूल्यांकन, गोपनीय और परीक्षा के कामों में लगा देते हैं। ऐसे में इनसे भला कोई भी अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की क्या उम्मीद की जाएगी। खबर का संज्ञान लेने के बाद बीयू के अधिकारियों ने ऐसे शिक्षकों की पहचान करने के आदेश अधीनस्थों को दे दिए हैं। साथ ही कुछ शिक्षकों के नाम भी बीयू अधिकारियों के पास पहुंच गए हैं। अब ऐसे शिक्षकों को मूल्यांकन, परीक्षा, उड़ाका दल समेत कोई भी परीक्षा और गोपनीय कार्य नहीं लिया जाएगा।
लंबे समय से जमे कर्मचारी भी हटेंगे
बीयू में परीक्षा समेत अन्य विभागों में लंबे समय से जमे कर्मचारियों को भी हटाया जाएगा। नियमानुसार एक कर्मचारी एक पटल पर तीन साल तक रह सकता है। इसके बाद पटल परिवर्तन कर दिया जाता है। बीयू में इस नियम का भी पालन नहीं हो रहा है। ऐसे में लंबे समय से एक ही सीट पर जमे कर्मचारी अपनी मनमानी शुरू कर देते हैं। अब बीयू प्रशासन इन्हें हटाने की कार्रवाई जल्द शुरू करेगा।
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जिन शिक्षकों ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर कॉलेज खोले हैं, उनकी पहचान शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में कुछ के नाम सामने आए हैं। ऐसे शिक्षकों को परीक्षा अथवा गोपनीय काम से तत्काल हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं। - विनय कुमार सिंह, कुलसचिव, बीयू।
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