झांसी। अंतरजनपदीय तबादलों के तहत बाहरी जिलों से गृह जनपद आए शिक्षकों को शनिवार को भी विद्यालय आवंटन किए गए। इस दौरान शहर से सटे ब्लॉक के विद्यालय एक घंटे में ही लॉक हो गए। पास के विद्यालयों के विकल्प तय करके आए शिक्षकों को दूर के विद्यालयों का विकल्प भरना पड़ा। अधिकांश विद्यालयों की दूरी और स्थिति की जानकारी न होने के चलते शिक्षक नए विद्यालय के चयन को लेकर माथापच्ची करते नजर आए। शनिवार को बीएसए कार्यालय पर महज 178 शिक्षकों की काउंसलिंग हो सकी।
शासन ने अंतरजनपदीय तबादलों के तहत बाहरी जिलों से झांसी में करीब 397 शिक्षक भेजे हैं। शिक्षकों को 10 फरवरी से विद्यालयों का आवंटन किया जाना था। लेकिन रिक्त विद्यालयों और शिक्षकों की वरिष्ठता सूची नहीं मिल पाने से विद्यालय आवंटन के लिए काउंसलिंग नहीं हो सकी। शासन ने शुक्रवार को सूची जारी भी की, लेकिन बार-बार सूची में संशोधन किया गया। जिसके चलते शिक्षकों ने क्रमांक बदलने को लेकर हंगामा किया। ऐसे में 41 शिक्षकों की काउंसलिंग हो सकी थी। शनिवार को काउंसलिंग शुरू हुई, तो एक घंटे में ही शिक्षकों ने बबीना, चिरगांव, बड़ागांव समेत पास के ब्लॉकों के स्कूलों को लॉक कर दिया। इसके बाद बामौर और गुरसराय ब्लॉक के विद्यालयों की बारी आई, तो शिक्षक कतराते नजर आए। जो शिक्षक पहले ही स्कूलों का विकल्प तय करके आए थे, उन्हें विद्यालय लॉक करने के लिए कई बार सोचना पड़ा। ऐसे में एक-एक शिक्षक की काउंसलिंग में करीब 20-20 मिनट का वक्त लगा। शनिवार शाम तक महज 178 शिक्षकों की काउंसलिंग हो सकी।
लिपिकों से पूछते रहे स्कूलों की स्थिति
विद्यालय आवंटन के समय शिक्षकों के सामने जब नए स्कूलों की सूची सामने आई, तो शिक्षक असहज हो गए। ऐसे में शिक्षक लिपिकों और विभाग के अन्य कर्मचारियों से स्कूलों की स्थिति पूछते रहे। सूची में तमाम विद्यालय तो ऐसे थे, जिनके हाल के बारे में लिपिकों तक को पता नहीं था।
आज भी होगी काउंसलिंग
बीएसए कार्यालय में रविवार को भी काउंसलिंग चलेगी। बीएसए हरिवंश कुमार ने बताया कि रविवार को सुबह 10.30 बजे से प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों की काउंसलिंग होगी। उन्होंने सभी शिक्षकों से समय से पहुंचने के लिए कहा है।