झांसी। बुंदेलखंड के बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन व झांसी जिले से भेजी जा रही बालू और गिट्टी में सबसे अधिक टैक्स चोरी की जा रही है। वाणिज्य कर विभाग के सचल दलों ने अप्रैल से दिसंबर तक 2451 दोषी वाहन पकड़े। इनमें 1300 वाहन बालू और गिट्टी के थे, जो अधूरे कागजों पर ले जाए जा रहे थे। इन वाहनों से सात करोड़ से अधिक टैक्स वसूला गया।
वाणिज्य कर झांसी जोन के अंतर्गत झांसी, ललितपुर, जालौन, बांदा, हमीरपुर, महोबा व चित्रकूट जनपद आते हैं। इनमें बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन व झांसी जनपद से सबसे अधिक बालू और गिट्टी के वाहन दूसरे राज्य व प्रदेश के अन्य शहरों में भेजे जाते हैं। वाणिज्य कर विभाग को बालू व गिट्टी पर 18 प्रतिशत टैक्स मिलता है। इस कारण वाणिज्य सचल दलों की इन वाहनों पर खास नजर रहती है। अधिकांश वाहन जिला प्रशासन के सहयोग से पकड़े जाते हैं। जोन की बीस सचल दल इकाइयां सड़कों पर वाहनों की जांच के लिए लगी हैं।
इन सचल दल इकाइयों ने कोरोना काल के दौरान अप्रैल से दिसंबर तक 2451 दोषपूर्ण वाहन पकड़े। इन सभी वाहनों में ले जाए जा रहे माल से जुड़े कागज अधूरे पाए गए। किसी के पास ई वे बिल नहीं था तो कोई उसका तिथि निकलने के बाद भी उपयोग कर रहा था। इनमें 1300 वाहन बालू व गिट्टी के पकड़े गए। अधिकांश के प्रपत्र अधूरे व वजन अधिक पाया गया। इन वाहनों से सात करोड़ से अधिक का जुर्माना वसूल किया गया।
- बालू व गिट्टी को टैक्स बचाकर ले जाने का ज्यादा प्रयास होता है। ऐसे वाहनों पर विशेष नजर रखी जाती है। कोरोना काल में भी अधिकारियों ने 1300 वाहन पकड़ने में सफलता हासिल की।
प्रदीप कुमार यादव, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड टू।
ऐसे लगता है टैक्स
जैसे की किसी वाहन में एक लाख रुपये कीमत की बालू या गिट्टी अपूर्ण प्रपत्रों के साथ पकड़ी गई। ऐसे में संबंधित फर्म को एक लाख रुपये जुर्माना (माल की कीमत का सौ प्रतिशत) व 18 प्रतिशत टैक्स जमा करना पड़ता है।