झांसी। वाणिज्य कर विभाग ने कोरोनाकाल में वाहनों की तेजी से चेकिंग शुरू कर दी हैं। सचल दलों द्वारा पकड़े गए चोरी के अलग- अलग मामलों में एक करोड़ से अधिक जुर्माना जमा करवाया गया।
वाणिज्य कर सचल दल पांच ने कानपुर हाईवे पर चेकिंग के दौरान मुंबई से औरैया जा रहे ट्रक में रखी मशीनों के प्रपत्रों की जांच की। जांच में पता लगा कि 1.34 करोड़ कीमत की मशीनों को बिना ई वे बिल के ले जाया जा रहा है। संबंधित व्यापारी से 84 लाख रुपये जुर्माने भरने को कहा। व्यापारी ने 84 लाख की बैंक गारंटी जमा कर विभाग की कोर्ट में अपील की, लेकिन अपील को खारिज कर दिया गया। इस पर बैंक गारंटी को जुर्माने के रूप में जमा कर लिया गया।
एक दूसरे मामले में सचल दल ने अंबावाय पर वाहन संख्या यूपी 80 ईटी 3127 की जांच की। जांच में गेट पास व बिल्टी की तारीख में अंतर पाया गया। इनवाइस व ई- वे बिल के अंकित मूल्य में भी अंतर मिला। व्यापारी को नोटिस जारी कर माल अवमुक्त कर दिया गया। व्यापारी ने अपील की, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। बाद में व्यापारी से 42.24 लाख अर्थदंड वसूल किया गया। एक पाइप से लदे ट्रक के प्रपत्रों में विसंगति पाई गई। बाद में माल की कीमत 10.72 लाख पर 12.65 लाख रुपये जुर्माना जमा कराया गया। एक वाहन की तौल में वजन में अंतर पाया गया। वाहन में सिंगल यूज प्लास्टिक कैरी बैग रखे थे। बाद में अतिरिक्त 9.60 मीट्रिक टन प्लास्टिक को नष्ट करने के लिए नगर निगम को सौंप दिया गया।