संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली विभाग की ओर से घरों से पुराने मीटर उतारकर स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है। छह माह में 35 हजार घरों में यह मीटर लगाए जा चुके हैं। कुल उपभोक्ताओं की संख्या 7.71 लाख है।
झांसी जोन में 115 बिजलीघरों के माध्यम से 7.71 लाख उपभोक्ताओं को बिजली मुहैया कराई जा रही है। जिले में पिछले साल सितंबर से स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य चल रहा है। आठ वितरण खंडों में सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने का निर्देश हैं। शुरुआत शहरी उपभोक्ताओं से हुई, लेकिन अब ग्रामीण उपभोक्ताओं के यहां भी मीटर लगाए जा रहे हैं। जयपुर की जीनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रालि ने सर्वे के बाद मीटर लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। कंपनी को सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम दिसंबर 2026 तक पूरा करना है।
15,119 में केवल 532 सरकारी भवनों पर लग सके स्मार्ट मीटर
रीवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत पहले चरण में 15,119 सरकारी भवनों में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य दिया गया था। कंपनी की ओर से मात्र 532 भवनों में ही यह मीटर लगाए जा सके।
यह है प्लानिंग
- जो स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, वह अभी पोस्टपेड ही काम करेंगे। मीटर स्मार्ट होने से ऑनलाइन बिल बनाया जा सकेगा। बाद में सभी मीटरों को प्रीपेड कर दिया जाएगा। फिर उपभोक्ता रीचार्ज कर बिजली का उपभोग करेगा।
कहां कितने स्मार्ट मीटर
जनपद लक्ष्य लगाए गए मीटर
झांसी 3,34,342 19,844
ललितपुर 1,63,304 5,069
उरई 2,73,711 7,352
कुल 7,71,357 32,265
स्मार्ट मीटर के फायदे
स्मार्ट मीटर से घर-प्रतिष्ठान में बिजली खपत की पल-पल की जानकारी मिल सकती है।
मीटर रीडिंग से छुटकारा मिल जाएगा।
उपभोक्ता स्वयं अपना बिजली बिल रीचार्ज कर सकते हैं।
लो-वोल्टेज की समस्या से भी निजात मिलेगी और निर्बाध आपूर्ति भी होगी।
स्मार्ट मीटर में दो रिले लगे हैं। इससे फाल्ट या शॉर्ट सर्किट होने पर घर की सप्लाई खुद बंद हो जाएगी।
इनका कहना -
सरकारी भवनों के साथ सभी घरेलू और कॉमर्शियल कनेक्शन धारकों के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। करीब 35 हजार मीटर लग चुके हैं। बाद में इन्हें प्रीपेड किया जाएगा। - सगीर अहमद, मुख्य अभियंता, विद्युत वितरण मंडल झांसी