अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। आठ करोड़ से बनकर तैयार हुई बिजौली झील में कई नलों की टोंटियां चोरी हो गई हैं। इसके अलावा, शरारती तत्वों ने कई फव्वारे भी उखाड़ दिए हैं। नगर निगम ने पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए अमृत सरोवर महोत्सव के तहत झील के सुंदरीकरण का काम कराया था। हालांकि, अब एक फर्म को झील के संचालन का ठेका मिल गया है। जल्द ही झील में रौनक होने की उम्मीद है।
बिजौली में बड़ी माता मंदिर के पास करीब 15 एकड़ में फैली यह झील प्राकृतिक तौर पर काफी खूबसूरत है। यहां बारहों महीने पानी भरा रहता है, लेकिन रखरखाव एवं देखरेख न होने से आसपास अवैध निर्माण समेत गंदगी फैली रहती थी। 19 नवंबर 2022 को झील की तस्वीर बदलने का काम शुरू हुआ। 8.93 करोड़ रुपये से झील बनकर तैयार हुई। झील के आसपास लैंड स्केपिंग करने के साथ ही पेयजल से लेकर बैठने तक की व्यवस्था की गई है। यहां की गढ़ी को रोशन करने के लिए फसाड लाइटें और रात के समय झील को जगमग करने के लिए भी लाइटें लगाई गईं। पिछले साल काम पूरा हो गया था। उसके बाद नगर निगम ने कई बार झील के संचालन के लिए टेंडर निकाला मगर किन्हीं कारणों ठेका नहीं उठ सका।
इसी बीच, झील में लगी नलों की टोंटियां भी चोरी हो गई हैं। वहीं, फव्वारा के पाइप आदि भी चोरी कर लिए गए हैं। शरारती तत्वों ने कई जगहों पर तोड़फोड़ भी की है। इस मामले में नगर आयुक्त सत्य प्रकाश का कहना है कि हाल ही में निकाली गई निविदा में एक फर्म को झील के संचालन की जिम्मेदारी मिल गई है। यहां पर पर्यटकों के मद्देनजर कई तरह की गतिविधियां भी शुरू होंगी। जल्द ही पर्यटन के प्रमुख केंद्रों में ये झील शामिल हो जाएगी।