सर्दियों के शुरूआती महीने ने भले ही लोगों को गर्मी से निजात दिला दी हो लेकिन मौसमी बीमारियां इन दिनों लोगों के जी का जंजाल बनी हुई हैं। मौजूदा समय में एक व्यक्ति से दूसरे में ‘कोल्ड एलर्जी’ तेजी से फैल रही है। इससे अस्पतालों में खांसी, जुकाम के मरीज बीस फीसदी बढ़ गए हैं।
जब-जब मौसम में बदलाव होता है, तब-तब लोगों को बीमारियां घेर लेती हैं। सर्दियों के मौसम शुरू होती ही खांसी, जुकाम ने तेजी से पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। किसी एक को भी यदि कोल्ड एलर्जी हो जाती है, तो उसके खांसने, छींकने से पास मौजूद दूसरे व्यक्ति को भी एलर्जी अपनी चपेट में ले लेती है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति को कोल्ड एलर्जी होती है, तो ठीक होने तक उससे दूरी बनाना जरूरी होता है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि एक बार कोल्ड एलर्जी हो जाती है, तो सात दिनों तक इसका असर बना रहता है। यह एलर्जी किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है। इसलिए लोगों को ठंड से बचाव रखना चाहिए। घर से निकलते समय गर्म कपड़े पहनें। रात में बाहर हों, तो कान को अच्छे से ढक लें। उन्होंने बताया कि कई दिनों तक जुकाम रहने से नाक से खून आने की भी संभावना बन जाती है।
एलर्जी हो तो ये करें
- गर्म पानी से गरारा करते रहें
- थोड़ी-थोड़ी देर में गर्म पानी की भाप लें
- खांसने, छींकने पर मुंह पर रुमाल रख लें
- डॉक्टर से चिकित्सीय उपचार जरूर लें
बच्चे भी नहीं अछूते
कोल्ड एलर्जी ने सबसे ज्यादा प्रभावित बच्चों को किया है। स्कूली बच्चों में एक से दूसरे में यह बीमारी फैल जाती है। इसलिए बच्चों को सतर्क रहना चाहिए। मेडिकल कॉलेज की बाल रोग ओपीडी में करीब 30 फीसदी बच्चे कोल्ड एलर्जी से पीड़ित आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओम शंकर चौरसिया ने बताया कि घर पर किसी को भी कोल्ड एलर्जी हो तो उसे अलग स्थान पर सोना चाहिए।