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अस्पतालों ने मरीजों से की वसूली, मंडलायुक्त ने दिए जांच के निर्देश

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झांसी। कोरोना काल में मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों द्वारा लिए जाने वाले शुल्क को शासन द्वारा तय किए जाने के बाद भी अस्पताल संचालक मान नहीं रहे हैं। अस्पताल मरीजों से जमकर वसूली कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के दौरान दो मरीजों के तीमारदारों ने मंडलायुक्त से शिकायत की। इसे लेकर मंडलायुक्त ने डीएम को जांच के निर्देश दिए हैं।
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निरीक्षण के दौरान गुरसराय के मरीज केशव दास के तीमारदार रमाशंकर सोनी ने शिकायत की कि उनके मरीज का इलाज पूर्व में लाइफ लाइन अस्पताल में चल रहा था। जहां पर उनसे ऑक्सीजन का अलग से चार्ज प्रतिदिन 6000/- रू. लिया जा रहा था। महंगी-महंगी दवाएं मंगाई गईं। उनसे प्रतिदिन बहुत अधिक शुल्क वसूला गया। कई लाख रूपये खर्च हो चुके हैं। अभी भी 70-80 हजार रुपये और मांगे जा रहे हैं। सेक्टर आफि सर द्वारा शुल्क जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है। स्थिति में सुधार न होने पर मरीज को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा है। तीमारदार शैलेष कुमार गुरसराय ने शिकायत की कि उनके पिता जी पूर्व में सहारा अस्पताल में तीन दिन भर्ती रहे। जहां पर उनसे बहुत अधिक शुल्क वसूल किया गया है। सेक्टर आफि सर कुछ नहीं सुन रहे हैं। एक दिन में लगभग 55-60 हजार रूपये की दवायें दी गयी हैं। जिस पर मंडलायुक्त ने डीएम को एडीएम से जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही सेक्टर आफिसर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा।
निरीक्षण के दौरान सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के पास स्थित नाले में मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल पड़े हुए मिले। यहां एक महिला सफ ाई कर्मचारी द्वारा मास्क नहीं लगाया गया था एवं कई अन्य स्टाफ ने भी मास्क नहीं लगा रखा था। बताया गयास कि डेथ ऑडिट कमेटी द्वारा ठीक प्रकार से कार्य नहीं किया जा रहा है। इस कमिश्नर ने रोज रिपोर्ट देने को कहा। ऑक्सीजन सिलिंडर कक्ष में लगे अग्निशमन यंत्र की अवधि निकल चुकी थी। जिसे रिफिल कराने के निर्देश दिए गए। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर, कोविड वार्ड प्रभारी डॉ. अंशुल जैन मौजूद रहे।
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