झांसी में तैनात 53 दागी पुलिसकर्मियों की शिकायतें डीजीपी कार्यालय तक जा पहुंची हैं। डीजीपी राजीव कृष्णा की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि झांसी उन पांच जनपदों में शुमार है, जहां के पुलिसकर्मियों की सबसे अधिक शिकायतें सामने आईं। अब आईजी को इन दागी पुलिस कर्मियों की जांच सौंपी गई है। इनमें से कुछ दागी पुलिसकर्मियों के पास थाने एवं चौकी के भी चार्ज हैं। डीजीपी के फरमान से दागी पुलिसकर्मियों में खलबली पैदा कर दी है।
पिछले कुछ समय से झांसी, ललितपुर, उरई में पुलिसकर्मियों की अनुशासनहीनता के कई मामले उजागर हुए। झांसी में मऊरानीपुर एवं गरौठा में दरोगा रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए। कई पुलिसकर्मियों पर खनन के खेल में शामिल होने का आरोप है। कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ कदाचार की जांच चल रही है। दुष्कर्म समेत गंभीर अनुशासनहीनता के आरोप में भी कई पुलिसकर्मी घिरे हैं। इन पर बर्खास्ती की तलवार भी लटक रही है।
53 पुलिसकर्मी ऐसे पाए गए जिनके खिलाफ गंभीर मामलों में शिकायतें हैं। डीजीपी ने समीक्षा के दौरान पाया कि बहराइच, कानपुर, जौनपुर, लखनऊ एवं आगरा के साथ झांसी के पुलिसकर्मियों की सर्वाधिक शिकायतें हैं। अब इनकी जांच आईजी आकाश कुलहरि को सौंपी गई है। आईजी को पांच दिन के भीतर जांच करके रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
आईजी आकाश कुलहरि ने बताया कि जिन भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनहीनता समेत अन्य आरोप में गंभीर शिकायतें हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। पांच दिनों के भीतर जांच करके इनकी रिपोर्ट भी वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेज दी जाएगी।