अतीक अहमद के साथ गैंगस्टर गुलशन यादव
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झांसी: गैंगस्टर गुलशन यादव के खिलाफ पुलिस को फिर से शिकंजा कसने का मौका मिल गया। गुलशन पर दर्ज मामलों में हाईकोर्ट ने कार्रवाई पर लगी रोक हटाने के साथ ही उसकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी। कोर्ट ने 16 माह के भीतर उसके लंबित मामले निपटाने के निर्देश भी दे दिए। हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद पुलिस एक बार फिर गैंगस्टर के खिलाफ कार्रवाई की तैयारियों में जुट गई। कुख्यात बदमाश एवं सपा नेता गुलशन यादव उर्फ गुलाब सिंह यादव अपहरण समेत कई अन्य मामलों में पिछले तीन साल से आगरा जेल में बंद है।
ग्वालटोली निवासी आकाश यादव ने गुलशन के खिलाफ मई 2022 में अपहरण, मारपीट, जहर पिलाने एवं रंगदारी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। छानबीन में करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर कब्जा जमाने का भी मामला सामने आया। गुलशन पर संगीन अपराधों में करीब 40 मुकदमे दर्ज पाए गए। पिछले तीन साल से वह आगरा जेल में बंद है। सुप्रीम कोर्ट तक उसने जमानत याचिका दाखिल की लेकिन कहीं से उसे राहत नहीं मिली हालांकि हाईकोर्ट ने उसके खिलाफ चल रही जांच पर रोक लगा दी थी। कुछ समय बाद गुलशन ने हाईकोर्ट में दोबारा जमानत याचिका दाखिल की। 10 सितंबर को उसकी याचिका खारिज कर दी गई।
अतीक के पैसों को करता था बुंदेलखंड में निवेश
राजनीति में सक्रिय रहते हुए गैंगस्टर गुलशन यादव जरायम की दुनिया का बड़ा नाम बन गया। अपने दबदबे की वजह से नगर निगम का पार्षद चुने जाने के साथ ही उप सभापति भी बन बैठा। इसी दौरान उसकी प्रयागराज के माफिया सरगना अतीक अहमद से भी संबंध बन गए। कई तस्वीरों में वह अतीक के साथ भी नजर आया। पुलिस को सुराग मिले कि बुंदेलखंड में अतीक के पैसों को गुलशन निवेश करने का काम करता था।