झांसी। चंद्रशेखर आजाद प्रतिमा से स्टेशन रोड जाने वाली सड़क पर बनी दुकानों की नाप के लिए तहसीलदार रविवार होने के कारण नहीं पहुंचे। अब एसडीएम के नेतृत्व में सोमवार को जमीन की नाप होगी। हालांकि, नगर निगम को इस मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नगर पालिका के कार्यकाल में इस जमीन का मुकदमा लड़ा गया था, जिसका फैसला तत्कालीन नगर पालिका के पक्ष में हुआ था।
आयकर भवन के पीछे सड़क पर आधा दर्जन से अधिक दुकानों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस जमीन पर नगर निगम का दावा है, जबकि जमीन स्वामी उसे अपना बता रहे हैं। मामले में लापरवाही बरतने पर इलाइट पुलिस चौकी प्रभारी को निलंबित किया जा चुका है। गत दिवस जमीन की नाप हुई थी, लेकिन वकीलों के विरोध के कारण नाप अंजाम तक नहीं पहुंच सकी थी। इस पर रविवार को तहसीलदार की उपस्थिति में नाप कराने का निर्णय लिया गया था, लेकिन रविवार को भी नाप नहीं हो सकी। अब सोमवार को एसडीएम की अगुवाई में नाप जोख की जाएगी।
उधर, नगर निगम को जानकारी मिली कि उक्त जमीन पर पूर्व में तत्कालीन नगर पालिका मुकदमा लड़ चुकी है।
जगदीश नारायण बनाम नगर पालिका के इस मुकदमे में अदालत ने नगर पालिका के पक्ष में निर्णय सुनाया था। इस निर्णय में कहा गया था कि दोनों बाउंड्रीवाल के बीच की जमीन नगर पालिका की है। लेकिन, पालिका इस मुकदमे को करीब चालीस साल पूर्व जीती थी। इस कारण वर्तमान में विभागीय लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी। लेकिन, जब विभागीय अधिवक्ताओं ने दस्तावेज खंगाले तो उन्हें जानकारी हासिल हो गई। इससे अब नगर निगम को कार्रवाई करने में काफी सहूलियत मिल गई है।
संपत्ति अधिकारी केशव प्रसाद ने बताया कि मुकदमे के दस्तावेज मिल जाने के बाद अब कार्रवाई में आसानी होगी।