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रमजान के आखिरी अशरे में शुरू हुई ईद की तैयारी

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स्कूटर पर बिक रही हैं ईद पर्व के लिए सिबईं की खरीदारी करते लोग। अमर उजाला
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झांसी।  रमजानुल मुबारक के आखिरी अशरे में अब घरों में लोगों ने ईद की तैयारियों शुरू कर दी हैं। लॉकडाउन की वजह से ईद की अभी तो खरीदारी नहीं शुरू हो पाई है लेकिन घरों में साफ सफाई का काम तेज हो गया है। रमजान में भी सेंवई और सूतफेनी की जगह-जगह दुकानें लग जाती हैं लेकिन इस बार मार्केट बंद होने की वजह से बहुत ही कम दुकानें लगी हैं। गुरुवार से बाजार खुलने पर सेंवई और सूतफेनी की भी दुकानें लग जाएंगी। बाजार में लोकल लच्छे ही बिक रहे हैं। लोकल लच्छों की कीमत रिफाइंड वाले 180 प्रतिकिलो, डालडा वाले 160 प्रतिकिलो वही मशीन से बने लच्छे 120 प्रति किलो बिक रहे हैं। ब्रांडेड लच्छों की कीमत 100 से लेकर 300 प्रति किलो है। इसके साथ बाजार न खुलने से मेवों व खजूरों की मांग भी पूरी नहीं हो सकी। खजूर भी बेचे जाते हैं। रमजान में विशेष रूप से सऊदी अरब व ईरान से खजूर मंगाए जाते हैं। लोगों की पहली पसंद भी खजूर होते हैं।
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ईदगाह में नहीं होगी ईद की नमाज
झांसी। ईदगाह कमेटी की ऑनलाइन बैठक में निर्णय लिया कि ईद की नमाज ईदगाह में व पुरानी ईदगाह में नहीं होगी। लॉकडाउन को देखते हुए यह निर्णय लिया जा रहा है।सभी से अपील की गई कि लोग अपने-अपने घरों में ईद की नमाज करें।
लॉकडाउन का हर हाल में सभी पालन करें। ऑनलाईन बैठक में कहा गया कि इस बार ईद पर मुस्लिम लोग शॉपिंग भी न करें। शॉपिंग की रकम गरीबों पर खर्च कर उनके साथ ईद मनाएं। ऑनलाइन बैठक में कमेटी के महामंत्री याकूब अहमद मंसूरी, मौलाना मोह मद फखरूद्दीन कासमी, मौलाना मोह मद आमिल कासमी, मजहर खान, मोह मद ताहिर, फजल अहमद, मौलाना जुबेर कासमी मौजूद रहे।
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