झांसी। आभूषण बनाना बड़ी कला है, बावजूद इसके संरक्षण और संवर्धन के सरकार की ओर से कभी कोई प्रयास नहीं किए गए, जिससे इस व्यवसाय से जुड़े लोग लगातार पिछड़ते जा रहे हैं। समय की मांग है कि स्वर्णकार समाज के उत्थान के लिए सरकार ‘स्वर्ण कला बोर्ड’ का गठन करे। इतना ही नहीं, नई पीढ़ी स्वर्ण कला से जुड़े और उसे आधुनिक तकनीकी का ज्ञान हो, इसके लिए स्वर्ण कला को प्रधानमंत्री कौशल विकास मिशन में शामिल किया जाए। यह बात ‘अमर उजाला संवाद’ में स्वर्णकार समाज के लोगों ने कही।
अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में समाज के लोगों ने कहा कि स्वर्णकार समाज के साथ लोगों का पीढ़ियों का विश्वास जुड़ा हुआ है। बावजूद, अक्सर पुलिस उत्पीड़न का सामना करना पड़ जाता है। धारा 411 और 412 को हथियार बनाकर पुलिस उत्पीड़न करती है। इसे हटाया जाना जरूरी है। इसके अलावा आए दिन स्वर्णकार समाज के लोगों के साथ लूट की घटनाएं सामने आती रहती हैं। समाज के लोगों की सुरक्षा के इंतजाम किए जाने चाहिए और उन्हें शस्त्र लाइसेंस दिए जाने चाहिए। हॉलमार्क आभूषण बेचने के लिए बाध्य किया जाना भी गलत है। राजनीतिक दल भी समाज की अनदेखी कर रहे हैं। समाज के लोगों को लोकसभा और विधानसभा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है।
इसके अलावा समाज के लोगों ने महानगर में व्याप्त समस्याएं भी उठाईं। बाजारों में लगने वाले जाम से वे नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि इससे उनके कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। पार्किंग का बंदोबस्त भी न होना बड़ी समस्या है।
स्वर्णकार समाज के विकास के लिए स्वर्ण कला बोर्ड का गठन किया जाए। इसके अलावा स्वर्णकला के संरक्षण के लिए इसे पीएम कौशल विकास मिशन में शामिल किया जाए।
- संतोष सोनी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष - बीकेडी
लगातार सेवाएं देने के बाद भी सोनी समाज को राजनीति में भागीदारी नहीं मिल रही है। समाज को हमेशा अंतिम पंक्ति में खड़ा रखा गया। इसमें बदलाव समय की मांग है।
- जितेंद्र सोनी, अध्यक्ष - सराफा बाजार व्यापार मंडल
स्वर्णकार समाज अति पिछड़ा है। कोरोना ने समाज को ओर भी पीछे धकेल दिया है। बावजूद, सरकार की ओर से समाज के लिए अलग से कोई योजना नहीं लाई गई।
- राघव वर्मा, व्यापारी नेता
बाहरी कारीगर स्थानीय स्वर्णकारों को खासी चोट दे रहे हैं। कारोबार का माहौल बिगड़ गया है। इस पर नियंत्रण के उपाय होने चाहिए। स्वर्णकार समाज को स्वर्णकारी में आगे बढ़ाना चाहिए।
- मुकेश सोनी, पार्षद
सराफा बाजार में दाखिल होने में लोगों को जद्दोजहद करनी पड़ती है। हर समय जाम लगा रहता है। पार्किंग भी नहीं है। सराफा कारोबार पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है।
- अनिल सोनी, पार्षद
सराफा कारोबारियों के साथ आए दिन लूटपाट की घटनाएं होती रहती हैं। सरकार को सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने चाहिए। असलाह लाइसेंस भी प्राथमिकता पर देने चाहिए।
- उदय सोनी, अध्यक्ष - सीपरी सराफा व्यापार मंडल
स्वर्णकारों के सम्मान में नगर के किसी एक चौराहे पर समाज के महापुरुष की प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। स्वर्णकला विकास के लिए जिले में सरकारी स्तर पर कमेटी गठित की जानी चाहिए।
- एके सोनी, प्रदेश महामंत्री - जय बुंदेलखंड व्यापार मंडल
एक ऑटो भर के प्रवेश करने से मानिक चौक में जाम लग जाता है। सभी बाजारों का यही हाल है। यातायात की कोई व्यवस्था नहीं है। ट्रैफिक पुलिस को बाजार में लगाया जाना चाहिए।
- बृजबिहारी सोनी
स्वर्णकारों के साथ लोगों का पीढ़ियों का भरोसा जुड़ा हुई है। बावजूद, सरकार हॉलमार्क आभूषण बेचने के लिए बाध्य कर रही है। जबकि, इससे स्वर्णकारों की परेशान और बढ़ेगी।
- गोविंद शरण वर्मा, अध्यक्ष - नगर स्वर्णकार संघ
पीएम के आगमन पर महानगर की प्रमुख सड़कों-चौराहों को तो चमका दिया गया, परंतु भीतरी हिस्सों की ओर ध्यान नहीं दिया गया। अंदर के कई इलाकों में बदहाली छाई हुई है।
- विकास वर्मा
कोरोना काल में स्वर्णकार समाज पर बड़ी मार पड़ी है। व्यवसाय अब तक पटरी पर नहीं लौट पाया है। बावजूद, सरकार की ओर से कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई।
- धनीराम सोनी
आभूषण कारीगरों की स्थिति बेहद दयनीय हो चली है। हालात ये हैं कि कोई भी कारीगर अपने बच्चों को इस व्यवसाय में नहीं लाना चाहता है। सरकार को कला के संरक्षण के उपाय करने चाहिए।
- रमाकांत सोनी
आभूषण बनाने वाले कारीगरों के लिए सरकार को अलग से पॉलिसी लानी चाहिए। कारोबार का बेहतर माहौल मिले, इसके लिए अलग से दुकान-बाजार उपलब्ध कराने चाहिए।
- दिनेश वर्मा, एडवोकेट
सदर बाजार में पार्किंग की व्यवस्था न होने की वजह से यहां आने वाले लोग दुकानों के सामने गाड़ियां लगा देते हैं। इससे आए दिन झगड़े की स्थिति पैदा होती है।
- मोहन सोनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष - छावनी व्यापार मंडल
स्वर्णकार समाज के लोग अपना माल बेचने के लिए बाहर जाते हैं। उनके पास लाखों के आभूषण होते हैं। अक्सर उनके साथ लूटपाट हो जाती है। सुरक्षा की व्यवस्था की जाए।
- राहुल कुमार सोनी
सोने-चांदी के कारोबार के लिए बैंकों द्वारा लोन तक उपलब्ध नहीं कराया जाता है। कैपिटल का इंतजाम खुद करना होता है। बैंकिंग नीति में सरकार को बदलाव करना चाहिए।
- बालकृष्ण वर्मा, भारतीय स्वर्णकार समाज