- डेढ़ वर्ष पूर्व पुल के दोनों ओर नदी में जमी सिल्ट हटवाई गई थी
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊरानीपुर। नगर के मध्य से बह रही सुखनई नदी में नाले का पानी और कचरा आने से यह लगातार प्रदूषित हो रही है। साथ ही लोग नदी में पूजा सामग्री भी समाहित कर देते हैं। सुखनई नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए नगर पालिका परिषद लाखों रुपये खर्च कर चुका है, लेकिन नतीजा नहीं निकला है।
सुखनई नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 20 वर्षों से नगर के लोगों प्रयास किए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों एवं शासन को सुखनई नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए कई बार ज्ञापन भी भेजे गए। नगर पालिका परिषद द्वारा चार-पांच बार मजदूरों द्वारा जलकुंभी साफ की गई थी। डेढ़ वर्ष पूर्व 55 लाख रुपये से पुल के दोनों ओर नदी में जमी सिल्ट भी हटवाई गई, लेकिन सुखनई नदी कुछ दिन ही साफ दिखाई दी। बाद में नदी में फिर से गंदगी पसर गई।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि आयुस श्रीवास ने बताया कि नगर पालिका द्वारा सुखनई नदी की सफाई के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कई बार काम कराने के बाद भी अपेक्षित परिणाम नहीं निकला है। उन्होंने कहा कि एसटीपी प्लांट लगने के बाद ही सुखनई नदी साफ रह सकती है।