झांसी। मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में आत्महत्या का प्रयास करने वाले जूनियर डॉक्टर को मनोचिकित्सक के पास रेफर कर दिया गया है। चिकित्सकों को परिजनों के साथ भेज दिया गया है। लौटने पर उसे एंटी स्ट्रेस कमेटी के सामने पेश किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभाग में तैनात जूनियर डॉक्टर ने मंगलवार को हॉस्टल में नींद की गोलियां खाने के बाद बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया था। कुछ साथियों को फोन करके बोला था कि उन्हें कट्टा लेकर मारने आ रहा है। जबकि, कुछ दोस्तों को बताया था कि आत्महत्या करने जा रहा है। ऐसे में दोस्त कुछ ही देर में हॉस्टल पहुंच गए थे। कमरा तोड़कर उसे बाहर निकालकर आईसीयू में भर्ती कराया था। देर रात तक उसकी सेहत में सुधार होने लगा। ठीक होने पर अब कॉलेज प्रशासन ने उसे परिजनों के साथ घर भेज दिया है। साथ ही मनोचिकित्सक के पास इलाज के लिए भी रेफर किया गया है। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि लौटने पर एंटी स्ट्रेस कमेटी उससे बात करेगी। तभी फिर से हॉस्टल में एंट्री मिलेगी।