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Jhansi News: एसी का ऐसा सफर, 30 दिन में चाेरी हुए 30 हजार कंबल, चादर और तकिया कवर

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संवाद न्यूज एजेंसी



झांसी। ट्रेनों के एसी कोचों में यात्री सफर के बाद कंबल, चादर और तकिया कवर भी ले जा रहे हैं। झांसी रेल मंडल की ट्रेनों से यात्री पिछले 30 दिन में 29,700 कंबल, चादर और तकिया कवर चोरी कर ले गए। रेलवे के अनुसार मंडल की ट्रेनों के हर एक फेरे में औसतन 94 चादर, चार कंबल, 11 तौलिये और तीन तकिया कवर चोरी किए जा रहे हैं।इसका खामियाजा रेलवे को उठाना पड़ रहा है।

थर्ड एसी इकॉनमी, थर्ड एसी और सेकेंड एसी कोचों में यात्रा शुरू करने के समय कोच सहायक हर एक यात्री को दो बेडशीट, एक कंबल, एक तकिया (नए कवर के साथ) और एक छोटी तौलिया देता है। सफर पूरा करने के बाद यात्रियों को यह सभी सामान अपनी सीट पर ही छोड़कर जाना होता है। इन सभी सामान को कोच अटेंडेंट अंतिम स्टेशन पर ले जाकर धुलाई के लिए ठेकेदार के सुपुर्द कर देता है।
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इन ट्रेनों से की जा रही चोरी

झांसी रेल मंडल की ओर से चलाई जाने वाली 9 ट्रेनों में एसी कोच लगाए जाते हैं। ये ट्रेनें चंबल एक्सप्रेस, उदयपुर-खजुराहो एक्सप्रेस, झांसी-इटावा एक्सप्रेस, खजुराहो-कुरुक्षेत्र एक्सप्रेस, झांसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस, बुंदेलखंड एक्सप्रेस, झांसी-बांद्रा एक्सप्रेस, झांसी-पुणे एक्सप्रेस और झांसी-कोलकता एक्सप्रेस हैं।
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इनपर किया हाथ साफ

चादर - 25,700



कंबल - 1100

तौलिया - 2600



तकिया - 300





पकड़े जाने पर जुर्माने से लेकर जेल तक



ट्रेनों में रेलवे की ओर से मिलने वाली हर सुविधा का दुरुपयोग करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इसमें बेडरोल भी आते हैं। रेल अधिकारी ने बताया कि यदि कोई बेडरोल चोरी करते पाया जाता है तो उस पर रेलवे एक्ट में कार्रवाई की जाती है। इसमें जुर्माना से लेकर कारावास तक हो सकता है।

वर्जन



एसी कोचों के 10 प्रतिशत यात्री बेडरोल को अपने साथ ले जा रहे हैं। इससे रेलवे को राजस्व का नुकसान होता है।

- मनोज कुमार सिंह, मंडल रेल जनसंपर्क अधिकारी, झांसी
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