छात्र को लगाया 81 हजार का चूना
झांसी। आम लोगों के साथ अब साइबर अपराधियों के निशाने पर कॉलेज का शुल्क भरने वाले छात्र भी हैं। ऐसा ही मामला थाना नवाबाद इलाका स्थित सिविल लाइन मेंसामने आया है। लॉ कॉलेज की फीस भरने के दौरान साइबर अपराधियों ने उसके खाते से 81 हजार रुपये चार बार में ट्रांसफर कर लिए। छात्र की शिकायत पर पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
चित्रा चौराहा के पास रहने वाले भगवत प्रसाद साहू के पुत्र ने इंदौर स्थित एक लॉ कॉलेज में प्रवेश लिया है। उसकी फीस जमा करने के लिए 1 अगस्त को 75 हजार रुपये उन्होंने अपने पुत्र के पंजाब नेशनल बैंक सिविल लाइन के खाते में जमा कर दिए थे। इसी बीच पुत्र ने 2 अगस्त को कॉलेज के यूपीआई एप से शुल्क जमा किया, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते शुल्क कॉलेज के खाते में नहीं पहुंच सका। इसके बाद उन्होंने कॉलेज से भी संपर्क किया, लेकिन समस्या दूर नहीं हो सकी। इसी दौरान एक सप्ताह बीतने के बाद उन्होंने बैंक के हेल्पलाइन नंबर से जानकारी लेने का प्रयास किया। उन्होंने गूगल से कस्टमर केयर नंबर की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर समस्या बताई। गलती से यह नंबर बैंक हेल्पलाइन का न होकर सीधे साइबर अपराधियों के पास पहुंचा। वहां साइबर अपराधियों ने खाते की जानकारी हासिल कर ली। कुछ देर बाद पुत्र के खाते से चार बार में रकम ट्रांसफर कर ली गई। पहली बार में 49 हजार, दूसरी बार में 20 हजार, तीसरी बार में 12 हजार व तीन सौै दस रुपये खाते में ट्रांसफर कर लिए। रकम निकलने का मेसेज आने के बाद वह घबरा गए। बैंक फोन किया तो उनको धोखाधड़ी का शिकार होने की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत बैंक के साथ पुलिस को सूचना दी। इस पर साइबर सेल व नवाबाद पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है।
मेडिकल छात्र को लगाया चूना
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के छात्र को भी ठग लिया गया। उन्होंने ओएलएक्स पर कूलर बेचने के लिए विज्ञापन डाला था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने संपर्क कर जानकारी ली। कुछ समय बाद एप के जरिये खाते की जानकारी कर 20 हजार रुपये खाते से उड़ा दिए। मेसेज देखकर वह घबरा गए। शिकायत पर नवाबाद पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है।
एडिट कर अपना नंबर डाल देते हैं ठग
जब गूगल पर किसी चीज या जगह की खोज करते हैं तो वहां फोन नंबर भी दिया जाता है। गूगल पर हर तरह की जानकारी होती है, जिसे लोग बदल भी सकते हैं। इसका फायदा सबसे ज्यादा ठगी करने वाले उठाते हैं। ऐसे में कोई भी जानकारियों को बदल कर चूना लगाते हैं। धोखाधड़ी करने वाले गूगल की इस पॉलिसी का लाभ उठाते हैं और यहां पर अपना नंबर डाल देते हैं। जब कोई व्यक्ति इन नंबरों पर कॉल करता है तो वे उनसे पूरी जानकारी लेकर उन्हें ठग लेते हैं।
ऐसे रह सकते हैं सतर्क
संभव हो तो कॉल करने के बजाय संबंधित जगह पर जाकर ही शिकायत करें। केवल कंपनी की ओर से दिए गए कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करें। इसके लिए आप बैंक या संबंधित कंपनियों की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर हेल्पलाइन नंबर देख सकते हैं। इसके अलावा बैंक से सीधे हेल्पलाइन नंबर हासिल करें। फोन पर किसी भी व्यक्ति को अपने अकाउंट नंबर, डेबिट- क्रेडिट कार्ड सहित कोई भी निजी जानकारी न दें। किसी भी प्रकार का शक होने पर तुरंत ही पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।
ऐसे मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। बैंकों की तरफ से कभी भी खाते की जानकारी नहीं मांगी जाती है। ऐसे में आने वाली किसी भी तरह की अंजान कॉल पर खाते की जानकारी न दें। जरा सी असावधानी ठगी का शिकार बना सकती है। पुलिस ऐसे मामलों में पड़ताल कर रही है। राहुल मिठास, अपर पुलिस अधीक्षक