मंडी समिति के अधिकारियों को ज्ञापन देते व्यापारी
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मंडी शुल्क के विरोध में गल्ला मंडी के व्यापारियों ने सोमवार से पांच दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। इस कारण गल्ला मंडी में व्यापार पूरी तरह बंद रहा। पहले दिन की हड़ताल से बुंदेलखंड की मंडी समितियों की दस लाख रुपये की आय प्रभावित हुई। किसान को अपनी उपज बेचने में परेशानी हुई।
गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष उमेश गुप्ता, महामंत्री अमित अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारी मंडी शुल्क समेत अपनी अन्य मांगों को लेकर 26 सितंबर तक हड़ताल पर हैं। इस मौके पर विशिष्ट गल्ला मंडी स्थल को भी बंद रखने के संबंध में कार्यालय कृषि उत्पादन मंडी समिति और कार्यालय संभागीय उपनिदशेक मंडी परिषद के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
अध्यक्ष उमेश गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मंडी परिसर को छोड़कर सभी जगह मंडी शुल्क समाप्त कर दिया गया है लेकिन किसान को उनकी उपज का सही मूल्य देने वाले मंडी स्थलों में कार्यरत व्यापारियों से अभी तक ढाई प्रतिशत के हिसाब से मंडी शुल्क लिया जा रहा है। मंडी के पंजीकृत व्यापारियों को बिचौलियों की संज्ञा दी जा रही है, जो कि घोर अन्याय है। व्यापार मंडल द्वारा सरकार से लगातार मांग की जा रही है।
व्यापार चाहें मंडी स्थल के बाहर हो या अंदर मंडी शुल्क की दर सभी जगह एक समान होनी चाहिए। यदि केंद्र और प्रदेश सरकार व्यापारियों की किसानों के लिए हितकर मांगों को जल्द पूर्ण नहीं करती है तो सभी व्यापारी प्रदेश नेतृत्व के निर्णय के अनुरूप अग्रिम कार्रवाई के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधि मंडल में प्रताप सिंह राठौर, रमेश गुप्ता, बालकिशन तौला, दीनदयाल अग्रवाल, आनंद गेड़ा, राजेंद्र गुप्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस ने दिया हड़ताल को समर्थन
वहीं, पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने गल्ला मंडी व्यापार मंडल की हड़ताल का समर्थन किया है। अध्यक्ष को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि गल्ला मंडी में माल खरीद आदि के संबंध में प्रदेश सरकार द्वारा ढाई प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने और मंडी परिसर के बाहर कोई भी शुल्क न लगाने का विरोध व्यापार हित को देखते हुए जायज है। कांग्रेस इस आंदोलन में साथ है।