झांसी। बाहर बड़ागांव गेट शमशान घाट के निकट बाबा का अटा व तलैया नाम की बस्ती में रहने वाले कई परिवारों के लिए बिजली विभाग के नियम परेशानी का कारण बने हुए हैं। उन्होंने बस्ती में मकान तो बना लिए, मगर उनको कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है। जबकि बस्ती के कई घरों में सालों पुराने कनेक्शन लगे हुए हैं। कनेक्शन न मिलने से कई नए घरों में ताले लटके हुए हैं।
दरअसल, अगर कोई बिल्डर या कोलोनाइजर प्लाट बेचकर या फ्लैट बनाकर कालोनी विकसित करता है तो इस स्थिति में उस कालोनी को विद्युत कनेक्शन तभी मिलेगा जब बिल्डर कालोनी में खंभे व तार खींचकर ढांचा स्वयं तैयार करवाए और खुद का ट्रांसफार्मर लगवाए। विद्युत विभाग अपनी इसी शर्त पर नई कालोनियों को कनेक्शन देता है।
संयोजन देने की दूसरी शर्त यह है कि अगर नई बस्ती में किसी भी नए उपभोक्ता का घर निकट के विद्युत खंभे से चालीस मीटर दूर है तो उस स्थिति में अगर तीन उपभोक्ता एक साथ कनेक्शन लें, तभी बीच में एक खंभा लगाकर विभाग संयोजन देगा। इस कारण विद्युत विभाग नई विकसित कॉलोनियों में पैसा जमा करट्रांसफार्मर लगाने की शर्त पर ही कनेक्शन देने को कह रहा है। ऐसे में लोग या तो अपने घर में ताले डालने या फिर चोरी से बिजली जलाने को मजबूर हैं।
कुछ ऐसी ही परेशानी में बाहर बड़ागांव गेट शमशान घाट के निकट बाबा का अटा व तलैया बस्ती के लोग फंसे हुए हैं। यहां के लोगों ने अलग-अलग व्यक्तियों से यहां रजिस्ट्री कराके अपने मकान बना लिए। मगर, बिजली विभाग इस क्षेत्र को बस्ती की जगह कॉलोनी मानकर चल रहा है। इस कारण यहां रहने वाले पचास से अधिक परिवारों को बिना बिजली के ही गुजारा करना पड़ रहा है। जबकि यहां रहने वाले कई लोगों के पास पहले से ही स्थायी कनेक्शन हैं।
दस दिन पूर्व इस क्षेत्र में लगा ट्रांसफार्मर फुंक गया था। विद्युत विभाग ने इसके लिए कटिया डालकर चोरी करने वालों को दोषी ठहराया था। ट्रांसफार्मर बदलने के बाद संबंधित क्षेत्र की बिजली को यह कहकर काट दिया गया कि जो लोग अपने जमा बिल दिखाएंगे उनको ही बिजली दी जाएगी। समस्या का स्थायी हल नहीं निकलने से समस्या बढ़ती जा रही है।
‘अगर अलग-अलग लोगों से प्लाट खरीदकर मकान बनाए गए हैं तो विभाग बस्ती मानकर ऐसे लोगों को कनेक्शन दे सकता है। एक साथ तीन कनेक्शन होने पर विभाग एक खंभा व तार खींचकर कनेक्शन दे सकता है। अगर बीस कनेक्शन एक साथ लिए जाएंगे तो छह खंभे भी लगाए जा सकते हैं। संबंधित क्षेत्र के लोग अपनी समस्या उन तक ले आएं। कुछ न कुछ न हल अवश्य निकाला जाएगा।’
- राकेश कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता (नगर)।