staying at the station in jhanshi
झांसी। अयोध्या फैसले के मद्देनजर शनिवार को रेलवे स्टेशन पर सन्नाटे की स्थिति रही। ट्रेनों में भी भीड़ कम रही। दिन भर चेकिंग अभियान चलता रहा। सीसीटीवी कैमरों से हर हलचल की निगरानी की गई। होनी - अनहोनी की आशंका के चलते यात्रा से बचते हुए साढ़े तीन हजार यात्रियों ने अपने टिकट भी रिफंड कराए।
अयोध्या मसले पर शनिवार की सुबह साढ़े दस बजे फैसला सुनाया जाएगा, इसकी जानकारी शुक्रवार की रात ही सभी को लग गई थी। जिसके चलते तमाम लोगों ने यात्रा करना मुनासिब नहीं समझा। इनमें से तमाम लोग रात में ही टिकट निरस्त कराने स्टेशन पर पहुंच गए थे। स्टेशन से सुबह भी यात्रियों का टोटा रहा। आमतौर पर सुबह के समय ठसाठस भरकर चलने वालीं साबरमती एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, दक्षिण एक्सप्रेस, केरला एक्सप्रेस, मंगला एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों में शनिवार को भीड़ कम नजर आई। दोपहर में चलने वालीं पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, स्वर्र्ण जयंती एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या कम रही। जनरल कोचों में जरूर भीड़भाड़ दिखी, लेकिन स्लीपर कोच में यात्री कम रहे।
सुबह आरक्षण कार्यालय में भी यही स्थिति बनी रही। यहां कम ही यात्री नजर आए, जो आए भी उनमें बड़ी संख्या टिकट निरस्त कराने वालों की रही। यही हाल जनरल टिकट काउंटरों का भी रहा। अन्य दिनों में यहां टिकट लेने के लिए मारामारी रहती है, लेकिन शुक्रवार को खिड़कियों पर सन्नाटा रहा। इधर, दिनभर आरपीएफ व जीआरपी चेकिंग करती रही। हर आने जाने वाली ट्रेनों में सघन तलाशी अभियान चलता रहा। संदिग्ध नजर आने वाले यात्रियों के सामान की भी जांच की गई। सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की गई।