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नाइट ड्यूटी भत्ता बंद होने के विरोध में भूख हड़ताल रहे स्टेशन मास्टर

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झांसी। बृहस्पतिवार को ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने बेसिक वेतन 43,600 रुपये के ऊपर वाले कर्मचारियों का नाइट ड्यूटी भत्ता बंद किए जाने के विरोध में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सामने अनशन पर बैठकर भूख हड़ताल की। डीआरएम को मांग पत्र सौंपा। हड़ताल में मंडल की दस शाखाओं के स्टेशन मास्टर शामिल रहे।
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मंडल अध्यक्ष राजवीर खुराना ग्वालियर ने कहा कि रेल प्रशासन की कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण स्टेशन मास्टरों को चरणबद्ध आंदोलन करना पड़ रहा है। जोनल कोषाध्यक्ष अनिल कपूर ने कहा कि नाइट ड्यूटी कोई प्रोत्साहन भत्ता नहीं है, जिसे बोनस की तरह सीलिंग लिमिट में नहीं बांधा जा सकता है। जोनल अध्यक्ष एसएस परिहार ने कहा कि रेलवे बोर्ड ने स्वयं के आदेश का उल्लंघन व ट्रिब्यूनल आदेश की अवमानना की है। मंडल सचिव अजय दुबे ने कहा कि प्रशासन कर्मचारी हितों पर कुठाराघात कर रहा है। ओरछा- मटौंध रेलखंड में बेवजह 12 घंटे का रोस्टर चलाया जा रहा है। केंद्रीय उपाध्यक्ष एएन तिवारी ने कहा कि केंद्रीय स्तर पर मांगों को मनमाने का पूरा प्रयत्न होगा।
भूख हड़ताल में शामिल झांसी शाखा सचिव सीएल यादव, मंडल उपाध्यक्ष राजेश नामदेव, राजकुमार द्विवेदी, एसके अवस्थी, लक्ष्मण रिछारिया, विजय सक्सेना, अजय तिवारी, राजेश मीना, एसके सिंह, दीपक वर्मा, रेणु मंडल, गरिमा तिवारी, पीके त्रिपाठी आदि ने कहा कि जब सारा संसार सोता है, तब स्टेशन मास्टर सजगता व संरक्षा से अपनी ड्यूटी करते हैं। नाइट ड्यूटी के दुष्प्रभाव से जीवनचक्र प्रभावित होता है। इस मौके पर श्याम श्रीवास्तव, जेपी शर्मा, राजेश मीना, पीएस धाकड़, एसके साहू, नसीर खान, मोहसिन, गौरीशंकर, विकास, राकेश पाल आदि मौजूद रहे।
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