चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन करते लोग।
झांसी। राजकीय संग्रहालय में रशियन विज्ञान एवं कला केंद्र दिल्ली, ग्रामीण नागरिक स्वावलंबन संस्था और राजकीय संग्रहालय के संयुक्त संयोजन में हिस्टोरिकल रिफलेक्शन ऑफ इंडो रशियन आर्ट एंड कल्चर विषय पर लगी चित्र प्रदर्शनी में चित्रकारों ने भारत के शहरों खासकर बनारस की आध्यात्मिक संस्कृति को प्रस्तुत किया। साथ ही, रशियन डॉल में ताज महल, क्रेमलिन को भी दिखाया।
प्रदर्शनी में भारत और रूस के चित्रकारों द्वारा बनाए गए चित्रों को लगाया गया। इसमें दिल्ली की पदमिनी मेहता के चित्रों में बनारस की धार्मिक जीवन चर्या और लखनऊ के शहर को दिखाया गया। उनके चित्रों में पर्यावरण संरक्षण भी संदेश दिया गया। वरिष्ठ चित्रकार पदमिनी ने बताया कि उन्होंने 20 वर्ष पहले ही पर्यावरण और हेरिटेज संरक्षण पर चित्र बनाकर लोगों को जागरूक किया था। अन्य चित्रकारों में दिल्ली के राज ने ब्रज की होली, वैभव ने प्रकृति को उकेरा। आदर्श सिन्हा ने जर्मन पेपर पर रशियन डॉल में भारत और रूस की ऐतिहासिक इमारतों को खूबसूरती से प्रस्तुत किया।
संग्रहालय में विजेता हुए पुरस्कृत
झांसी। विश्व धरोहर सप्ताह के अंतर्गत क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग, बुंदेलखंड इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व शोध संस्थान, राजकीय संग्रहालय और इंटैक के तत्वावधान में निबंध व चित्रकला प्रतियोगिता हुई थी। इसके विजेता रागिनी प्रजापति, नंदिनी राजपूत, सूफिया खान, करिश्मा बानो, शीबू खान, वैभव चंद्रा, सपना प्रजापति, अमित प्रजापति, माया देवी, अविजित कुमार, राहुल सेन, विशाखा कुशवाहा, शरद आदि को प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. एसके दुबे, संग्रहालय की उप निदेशिका डॉ. आशा पांडेय, इंटैक ललितपुर के संयोजक संतोष कुमार शर्मा, डॉ. उमा पाराशर ने संयुक्त रूप से पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।