मंगलवार को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) की टीम झांसी पहुंची। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री के जनसभा स्थल भोजला मंडी का चप्पा-चप्पा खंगाला। सुरक्षा के अचूक इंतजाम के लिए हेलिपैड से लेकर मंच तक की जांच की।
एसपीजी के डीआईजी आर के वर्मा के नेतृत्व में टीम मंगलवार को भोजला मंडी पहुंची। यहां कमिश्नर कुमुदलता श्रीवास्तव, डीआईजी सुभाष सिंह बघेल, डीएम शिवसहाय अवस्थी व एसएसपी डॉ. ओपी सिंह के साथ सबसे पहले टीम मंडी में बनाए जा रहे प्रधानमंत्री के हेलिपैड पर पहुंची। यहां एसपीजी ने पूरे परिसर को देखा। साथ ही परिसर के बाहर की जानकारी भी ली। हेलिपैड के आसपास पानी का छिड़काव कराने को कहा, ताकि धूल न उड़े।
इसके बाद सभी जनसभा स्थल पहुंचे। एसपीजी की टीम ने प्रधानमंत्री का मंच देखा और उसकी तकनीकी जानकारी ली। मंच के पीछे बनाई जा रही पीएम की कॉटेज को और करीब लाने व अन्य वीआईपी के लिए अलग से कॉटेज बनाने को कहा। टीम ने मंच के इर्दगिर्द बनाए गए डी घेरेे की रेलिंग की मजबूती परखी। रेलिंग को हिलाकर देखा, ये ठीक नहीं पाई गई। इस पर लोहे की रेलिंग से सटाकर बल्लियां लगाने को कहा। इस दौरान प्रेस और वीआईपी गैलरी की भी जानकारी ली गई। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की सारी व्यवस्थाओं का एक ही स्थान से संचालन किया जा सके, इसके लिए कार्यक्रम स्थल पर मल्टी ऐजेंसी कोऑर्डिनेशन सेंटर बनाने को कहा। साथ ही मंच के पीछे कॉटेज के इर्दगिर्द इंटरलॉकिंग कर फर्श पक्का बनाने को कहा।
इसके बाद पूरा अमला मंडी के गेट नंबर दो पर पहुंचा। यहां प्रशासन द्वारा जनसभा में भीड़ के आवागमन के लिए एक और गेट बनाया गया था। इस प्रकार यहां दो गेट हो गए थे। लेकिन, एसपीजी ने भीड़ को दृष्टिगत रखते हुए एक और गेट बनाने के निर्देश दिए। इससे रैली में आने वाले लोगों का तीन गेटों से आवागमन होगा। जबकि, मंडी का मुख्य द्वार वीआईपी के आने-जाने के लिए होगा। इसके अलावा एसपीजी ने भीड़ की स्थिति, मंच पर रहने वाले लोगों की संख्या, पार्किंग स्थल, लोकार्पण व शिलान्यास के शिलापटों आदि समेत अन्य जानकारियां भी जुटाईं।
मंच पर रहेंगे सिर्फ 15 वीआईपी
जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच पर सिर्फ पंद्रह वीआईपी रहेंगे। इसमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री के अलावा रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा के आने की भी उम्मीद जताई जा रही है।