आने वाले लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी का गठबंधन तय है, अब सीटों के बंटवारे पर लखनऊ में होने वाली बैठक में निर्णय होगा। बहुजन समाज पार्टी ने कार्यकर्ताओं को संकेत दिए हैं कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ मधुर संबंध कायम करें, ताकि कोई गिले-शिकवे हैं तो दूर हो जाएं।
विधानसभा उपचुनाव में बसपा व सपा के गठबंधन को मिली सफलता से उत्साहित पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लोकसभा चुनाव में भी गठबंधन करने के संकेत दिए हैं। अब सीटों का ऐलान होना बाकी है। बुंदेलखंड में लोकसभा की चार सीटें हैं। अभी चारों सीटें भाजपा के कब्जे में हैं। आने वाले लोकसभा चुनाव में बसपा इन सीटों पर अपना परचम फहराना चाहती है। इसलिए पार्टी ने संकेत दिए हैं कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से यदि किसी तरह के गिले-शिकवे हों तो उन्हें दूर कर भाईचारे का माहौल बनाएं, ताकि दोनों दलों के कार्यकर्ता चुनाव में एकजुट होकर भाजपा को पटखनी दे सकें।
अभी तक सपा और बसपा एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ती रही हैं, लेकिन गठबंधन हो जाने के बाद से तय है कि दोनों पार्टियों को सीटें छोड़नी पड़ेंगी। माना जा रहा है कि बुंदेलखंड की चार सीटों में से ज्यादातर पर बसपा चुनाव लडे़गी, जबकि सपा को पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के क्षेत्र में सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका दिया जाएगा।
पार्टी के बुंदेलखंड प्रभारी/ मुख्य जोन इंचार्ज लालाराम अहिरवार ने बताया कि दोनों दलों के बीच गठबंधन की तस्वीर कुछ दिनों में साफ होगी, क्योंकि पार्टी हाईकमान ने जल्द ही बैठक बुलाई है, जिसमें गठबंधन की सीटों पर विचार विमर्श किया जाएगा।