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सपा में नए युग की शुरुआत

Tue, 17 Jan 2017 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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sapa, jhansi news - फोटो : demo
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समाजवादी पार्टी में मची रार का पटापेक्ष हो गया। निर्वाचन आयोग ने अखिलेश को समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष मानते हुए चुनाव चिह्न साइकिल दे दिया है। इससे सुस्त पड़े सपा के स्थानीय संगठन की हलचलें तेज हो गईं हैं। सोमवार की शाम सपाइयों ने इलाइट चौराहे पर आतिशबाजी कर आयोग के फैसले का स्वागत किया। 
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समाजवादी पार्टी में पिछले दो माह से मुलायम और अखिलेश के बीच खींचतान चली आ रही थी। शुरुआत में पार्टी के ज्यादातर स्थानीय नेता हवा रुख भांप रहे थे। वह न तो अखिलेश खेमे में नजर आ रहे थे और न ही मुलायम के साथ। लेकिन, धीरे-धीरे सभी अखिलेशवादी हो लिए। स्थानीय सांसद व विधायकों ने अखिलेश के समर्थन में हलफनामे भी दे दिए। अब चुनाव आयोग ने भी अखिलेश के पक्ष में फैसला सुनाते हुए साइकिल अखिलेश को सौंप दी है। सपाई इसे पार्टी में नये युग की शुरुआत मान रहे हैं।

फिर बनेगी अखिलेश की सरकार 
सच और कानून की जीत हुई है। चुनाव आयोग के फैसले से पूरा प्रदेश खुश है। पार्टी का वोट बंटा नहीं है, पूरा वोट सपा को मिलेगा। प्रदेश में एक बार फिर समाजवादी पार्टी की अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनेगी।
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-डा. चंद्रपाल सिंह यादव, सपा सांसद  

नए जोश के साथ सपा मैदान में 
चुनाव आयोग का फैसला जनभावना के अनुरूप आया है। अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा नये जोश के साथ आगे बढ़ेगी। पार्टी का वोट एकजुट है। पंचानवे फीसदी नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं की आस्था अखिलेश में है। 
- दीपनारायण सिंह यादव, विधायक सपा 

उम्मीद के मुताबिक हुआ फैसला 
निर्वाचन आयोग का फैसला उम्मीद के मुताबिक आया है। साइकिल चुनाव चिह्न मिलने से पार्टी की स्थिति अब पहले जैसी ही हो गई है। इस विधानसभा चुनाव में सपा अखिलेश के नेतृत्व में प्रदेश में दुबारा सरकार बनाने में कामयाब होगी। 
- छत्रपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष - सपा 

यह बोले अन्य दलों के नेता 
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बसपा को होगा फायदा 
पिता-पुत्र की आपसी खींचतान की वजह से समाजवादी पार्टी जनता का विश्वास खो चुकी है। सपा में यह लड़ाई मुद्दों पर नहीं, बल्कि मुद्रा के लिए हुई थी। पार्टी का परंपरागत वोट बैंक भी दो खेमों में बंट गया है। इसका सीधा फायदा विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी को होगा।
- तिलक चंद्र अहिरवार, पूर्व एमएलसी बसपा 

प्रदेश के हित में फैसला सही 
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है। लेकिन, सपा के आपसी झगड़े की वजह से यहां अस्थिरता की स्थिति बनी हुई थी। इसका फायदा उठाकर भाजपा पीछे के दरवाजे से उप्र की सत्ता में पहुंचने का सपना देख रही थी। चुनाव आयोग ने सही फैसला लिया है। इससे राज्य को स्थिरता मिलेगी। 
- प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री  

भाजपा को मिलेगा वोट 
साइकिल की सवारी अखिलेश को दिए जाने से भी सपा को कोई फायदा नहीं होने वाला है। पार्टी का परंपरागत वोट बैंक बंट चुका है। इस विधानसभा चुनाव में यह वोट भारतीय जनता पार्टी को मिलेगा। सपा ने जनता के बीच से अपना विश्वास खो दिया है।
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- संजय दुबे, जिलाध्यक्ष - भाजपा  
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