झांसी। समाजवादी विकास दिवस के कार्यक्रम में तवज्जो न मिलने से नाराज समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष असलम शेर ने इस्तीफा दे दिया है। इससे पार्टी में खलबली मच गई है। जिलाध्यक्ष नेे इसका ठीकरा जिला प्रशासन के सिर फोड़ा है।
प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों के प्रचार-प्रसार के लिए 15 मार्च को पैरा मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में समाजवादी विकास दिवस का आयोजन किया गया था। प्रशासन द्वारा आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन कार्यक्रम में पहुंचने पर महानगर अध्यक्ष चौधरी असलम शेर को कुर्सी तक नहीं मिल पाई थी। इसपर वह कार्यक्रम का बहिष्कार कर तत्काल वापस लौट गए थे। अपने अपमान से गुस्साए महानगर अध्यक्ष ने अपना इस्तीफा प्रदेश नेतृत्व को भेजा है। अचानक हुए इस घटनाक्रम से सपा में खलबली है। मामले को ठंडा करने के लिए जिलाध्यक्ष सक्र्रिय हो गए हैं।
सपा के जिलाध्यक्ष सुदेश पटेल के अनुसार यह बात सही है कि महानगर अध्यक्ष को कार्यक्रम में पर्याप्त सम्मान नहीं मिल पाया, लेकिन इसके लिए पार्टी किसी भी स्तर पर जिम्मेदार नहीं है। कार्यक्रम प्रशासन ने आयोजित किया था, जिसमें पार्टी के लोग आमंत्रित अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए थे। प्रशासन को महानगर अध्यक्ष को पर्याप्त सम्मान देना चाहिए था। उन्होंने बताया कि महानगर अध्यक्ष का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। पार्टी पूरी तरह से एकजुट है। जल्द ही मामले का पटापेक्ष हो जाएगा।
गड़बड़ा सकता है ‘माई’ समीकरण
मुस्लिम-यादव गठजोड़ को समाजवादी पार्टी की रीढ़ माना जाता है, लेकिन महानगर अध्यक्ष चौधरी असलम शेर के इस्तीफे से यह समीकरण गड़बड़ा सकता है। पार्टी के नेता इससे परेशान हैं। मालूम हो कि सपा के एक कद्दावर मुस्लिम नेता पहले से ही पार्टी से दूरी बनाए हुए हैं। हालांकि, वह पार्टी में ही हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से सक्रिय नहीं हैं। यदा-कदा ही पार्टी के कार्यक्रमों में नजर आते हैं। अपनों के बीच वह अपना दर्द बयां करने से भी नहीं चूकते।
नाराजगी के और भी हैं कारण
सपा महानगर अध्यक्ष की नाराजगी की वजह केवल समाजवादी विकास दिवस में सम्मान न मिलना ही नहीं है, बल्कि इसके और भी कारण हैं। जानकारों के अनुसार महानगर अध्यक्ष के भाई व दादा की दीनदयाल सभागार के पीछे कब्र हैं। लेकिन, अब यह स्थान निर्माणाधीन अरबन हाट की चारदीवारी के भीतर आ गया है। इसका उन्होंने आईजीसीएल में झांसी आए मुख्यमंत्री के समक्ष विरोध भी दर्ज कराया था। इसके अलावा वह स्थानीय नेताओं व अधिकारियों से भी अलग से रास्ता दिए जाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सपा में इस्तीफों की लगी झड़ी
महानगर अध्यक्ष के बाद सपा में इस्तीफों की झड़ी लग गई है। महानगर महासचिव परमानंद कुशवाहा, उपाध्यक्ष सोहन खटीक, कोषाध्यक्ष जे पी साहू समेत पार्टी के अन्य प्रकोष्ठों के एक दर्जन पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को भेजे हैं।