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सौर ऊर्जा से रोशन होंगी शहर की स्ट्रीट लाइटें

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sor urja se rosan hogi sehar ki street light - फोटो : demo
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सौर ऊर्जा से रोशन होंगी शहर की स्ट्रीट लाइटें
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झांसी। आने वाले दिनों में महानगर की स्ट्रीट लाइटें सौर ऊर्जा से रोशन होंगी। प्रदेश के सत्रह शहरों के साथ झांसी महानगर का चयन इस योजना के तहत किया गया है। इससे ऊर्जा की बचत तो होगी ही, साथ ही नगर निगम का विद्युत व्यय भी कम होगा। बचने वाली इस राशि का उपयोग अन्य विकास कार्यों के लिए किया जा सकेगा।
शहर की प्रमुख सड़कों व वार्डों में स्ट्रीट लाइट जलाने के लिए नगर निगम को प्रति वर्ष भारी भरकम विद्युत बिल अदा करना पड़ता है। ये राशि दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है। इसे देखते हुए शासन द्वारा वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने का फैसला किया गया। इससे निकायों पर विद्युत बिल का भार कम होगा और ऊर्जा की बचत होगी। इसी क्रम में सालाना पांच करोड़ रुपये से अधिक जिन निकायों का विद्युत बिल आता है, वहां सौर ऊर्जा से संचालित होने वाली स्ट्रीट लाइट लगाने का काम किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के सत्रह शहर लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, बनारस के साथ-साथ झांसी महानगर का भी चयन किया गया है। यहां चरणबद्ध ढंग से लाइट बदलने का काम किया जाएगा। खंभों पर लगीं एलईडी लाइट को हटाकर उनके स्थान पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। ये काम यूपी नेडा ारा किया जाएगा।
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शासन स्तर पर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। यहां भी इस संबंध में पत्र आ चुका है। जल्द ही चरणबद्ध तरीके से काम शुरू कराया जाएगा। इससे ऊर्जा की बचत होगी और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
- एस के गुप्ता, परियोजना अधिकारी - नेडा
स्वत: जलेंगी और बुझेंगी
सोलर स्ट्रीट लाइट से नगर निगम का विद्युत बिल तो कम होगा ही, साथ ही कर्मचारियों पर खर्च होने वाला व्यय भी कम होगा। उल्लेखनीय है कि स्ट्रीट लाइटों के साथ एक सोलर पैनल लगाया जाएगा। इन पैनलों में खास बैटरी लगाई जाएंगी। इनमें सौर ऊर्जा से बिजली परिवर्तित होकर स्टोर होगी। सोलर लाइट शाम होते ही खुद ब खुद जल जाएंगी और सुबह उजाला होते ही स्वत: बंद हो जाएंगी।
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नगर निगम में धूल खा रहीं लाखों की लाइट
बिजली की बचत के लिए नगर निगम द्वारा डेढ़ साल पहले हेलोजन लाइट उताकर एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाईं थीं। उतारी गईं पुरानी लाइटों में से ज्यादा चालू हालत में थीं, जिन्हें नगर निगम परिसर में रखवा दिया गया था, तब से ये वहीं पड़ी हुई हैं। इससे ये कबाड़ में तब्दील होती जा रही हैं। महापौर रामतीर्थ सिंघल द्वारा कई बार शासन को पत्र लिखकर पुरानी स्ट्रीट लाइटों के संबंध में दिशा निर्देश मांगे गए, परंतु अब तक कोई निर्देश प्राप्त नहीं हो पाए हैं।
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