सूखे की आहट के साथ ही पानी की चिंता सताने लगी है। पहले से ही लगातार कम हो रहा भूगर्भ जल स्तर संभावित सूखे से और भी नीचे जा सकता है। भूगर्भ जल विभाग द्वारा जल स्तर नापने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
पानी के अंधाधुंध दोहन और बारिश की कमी की वजह से धरती की कोख अब सूखने लगी है। भूगर्भ जल का स्तर लगातार नीचे की ओर सरक रहा है, जिससे कई इलाकों में पानी के लिए त्राहि - त्राहि की स्थिति मची हुई है। पिछले साल जिले को मानसून धोखा दे गया था। कमोबेश इस साल भी ऐसे ही हालात नजर आने लगे हैं। मौसम विभाग द्वारा कम बारिश की भविष्यवाणी की जा चुकी है। इसके साथ ही शासन - प्रशासन को पानी की उपलब्धता की चिंता सताने लगी है। सरकार द्वारा वर्षा जल संरक्षण के उपायों पर ध्यान दिया जाने लगा है। विभाग भी सूखे से निपटने की कार्ययोजना बनाने में जुट गए हैं। ऐसे में भू गर्भ जल विभाग भी सक्रिय हो गया है। विभाग द्वारा 15 से 20 जून के मध्य जिले में 152 स्थानों पर भू गर्भ जल के स्तर की जांच की जाएगी। 100 स्थानों पर पीजोमीटर तथा 52 पर कुओं के माध्यम से भू गर्भ जल नापा जाएगा। इसमें जल स्तर नीचा पाए जाने पर संबंधित क्षेत्र में इसे बढ़ाने के उपाय किए जाएंगे।
कम हो रहा है पाताल का पानी
झांसी। पाताल के पानी का स्तर लगातार नीचे की ओर सरकता जा रहा है। इसका अंदाजा भू गर्भ जल विभाग के आंकड़ों को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। साल 2013 के मुकाबले 2014 में जिले के भी हिस्सों के जल स्तर में कमी आई है।
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ब्लाक 2013 2014
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बबीना 3.28 5.29
बड़ागांव 4.07 4.20
बंगरा 3.75 4.18
मऊरानीपुर 4.72 6.01
गुरसरांय 5.18 7.91
बामौर 6.30 8.03
चिरगांव 4.38 4.91
मोंठ 1.90 3.09
झांसी 4.69 5.76
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नोट- सभी आंकड़े मीटर में।