उन्होंने कहा है कि पुलिस ने उनके पिता का घर से निकलना बंद कर दिया है। इसके चलते वे मंदिर नहीं जा पा रहे हैं। वहीं पिता समाजसेवी और राजनेता हैं, उनको क्रिसमस और शहीदी दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया। पिता के साथ प्रशासन जानबूझकर ऐसा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पिता के मूलभूत अधिकारों का हनन किया जा रहा है। अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बना दी गई है। उन्होंने प्रधान न्यायाधीश से घटना की जांच कराने के साथ न्याय दिलाने और नजरबंदी से मुक्त कराने की मांग की है।