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कोई तो बिजली की लाइन खिंचवा दो, पानी दिलवा दो...बड़े दुखी हैं गढ़ियागांव वाले

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झांसी। नाम तो गढ़िया गांव है लेकिन है वार्ड संख्या 15 का एक मुहल्ला। खास बात यह है कि इस गांव की नई आबादी में आज तक बिजली की लाइन नहीं है। अब बत्ती नहीं तो पानी का संकट भी होना लाजिमी है। इस मुहल्ले के लोग दो किलोमीटर दूर से रोज पानी ढोकर लाते हैं। ऐसा नहीं कि किसी को पता न हो। हर चुनाव में विधायक जाते हैं और विधायक निधि से लाइन खिंचवाने का भरोसा देते हैं लेकिन होता कुछ नहीं। गांव वाले कहते हैं कि सड़क बाद में बन जाए पहले बिजली और पानी मिल जाए तो आधी समस्या का समाधान हो जाएगा।
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झांसी महानगर से बामुश्किल 7 किलोमीटर दूर दक्षिण दिशा में बसा है गढ़ियागांव। पहले तो यह ग्राम पंचायत ही थी लेकिन 2006 में इसे नगर निगम का हिस्सा बना लिया गया था। यहां के लोगों को लगा था कि शायद अब बिजली और पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा। लेकिन हालात पहले से भी खराब हो गए। गढ़ियागांव से थोड़े से फासले पर बसी नई आबादी में करीब पचास घर हैं
लेकिन इस मुहल्ले में आज तक लाइन नहीं खिंची है। हैंडपंप लगे थे वह खराब हैं। पानी के लिए बोरिंग हो भी जाए तो मोटर चलेगी कैसे जब बिजली ही नहीं है। यहां के संतोष, सत्यप्रकाश, सौरभ, महेश, रामवती, श्याम, लक्ष्मी, शंकर, राजाबेटी, अर्चना, संगीता, शांती देवी, सुंदर सिंह, सौरभ भारती, महेंद्र, धर्मेंद्र, प्रताप, विनीता, नरेंद्र ने बताया कि यह गांव पहले बबीना ब्लॉक के अंतर्गत आता था। जब नगर निगम में आया तो बिजली लाइन की मांग की गई मगर बिजली अफसरों का कहना है कि लाइन से इन इलाके की दूरी अधिक है। इस वजह से लाइन नहीं बन पा रही है। विधायक निधि से पैसा मिल जाए तो लाइन खिंच सकती है।
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दस रुपये देकर लैंप और मोबाइल कराते हैं चार्ज
झांसी। मोहल्ले की शांती देवी और अर्चना ने बताया कि प्रतिदिन मोबाइल और इलेक्ट्रिक लैंप को चार्जिंग के लिए पास के क्षेत्र में दस रुपये देकर चार्ज करवाते हैं। उसके बाद घर में उसी लैंप या चार्जिंग बल्ब से रोशनी करके खाना बनाते हैं। यही कार्य पिछले तीन साल से इलाके में रहने वाले सभी लोग करते हैं। किराया देकर बिजली उपकरणों को चार्ज करवाते हैं या फिर दिनभर तो यहीं रहते हैं। इसके बाद रात में अपने रिश्तेदारों या परिचितों के घर चले जाते हैं।
जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों से लगा चुके हैं गुहार
- स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके की समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों सहित बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं कराया गया। जिससे पिछले तीन साल से बिजली और पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।
बोले पार्षद
गढ़ियागांव पहले वार्ड नं. 13 में आता था। अब इसको वार्ड नं. 15 में शामिल कर दिया गया है। इसका कुछ क्षेत्र ऐसा है, जहां पर बिजली की लाइन नहीं पहुंची है। बिजली के अधिकारियों से इसको लेकर शिकायत भी की गई। उनका कहना है कि विभाग के पास बजट नहीं हैं। यदि विधायक निधि या अन्य जगह से बजट प्राप्त हो जाए, तो क्षेत्र में बिजली की लाइन और खंभे लगाकर बिजली की सप्लाई करा दी जाएगी। - छोटेलाल, पार्षद गढ़िया गांव
गढ़िया गांव की बिजली लाइन से ज्यादा दूरी होने के कारण लाइन बिछाने में अधिक लागत आएगी। इसलिए इस इलाके में बिजली की सप्लाई अभी तक नहीं पहुंचाई गई। जल्द की दोबारा सर्वे कराकर छूटे हुए इलाके में विद्युतीकरण कराए जाने का कार्य किया जाएगा। - अनुभव कुमार, अधिशासी अभियंता
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