झांसी। केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरोद्धार मंत्री उमा भारती ने किसी का नाम लिए बगैर विपक्षी पार्टियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अब तो लोग ऊँ को भी मुद्दा बनाने लगे हैं। अमेरिका में हिंदू के अलावा दूसरे धर्मों के लोग ऊँ को योग का हिस्सा मानते हैं। पर, हमारे देश की राजनीति इतनी गंदी है कि कुछ नेता योग में भी वोट निकालने में जुटे हैं। उन्होंने यह बात क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान में फार्मेसी और गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला के शिलान्यास समारोह के दौरान कही।
उमा ने कहा कि आयुर्वेद स्वास्थ्य के मूल तत्व में विद्यमान है। इसके बिना मनुष्य स्वस्थ नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि अमेरिका में तीन करोड़ लोग योग करते हैं, इसमें से 10 से 12 लाख ही हिंदू हैं। बाकी, ईसाई, मुस्लिम और अन्य धर्म के लोग हैं। वह सभी लोग ऊँ को योग का हिस्सा मानते हैं। विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए उमा ने कहा कि कुछ नेता अपने घर पर तो ऊँ बोलते हैं, पर वोट बैंक के लिए बाहर इस पर विरोध जताते हैं। यह उनकी घिनौनी राजनीति का प्रतीक है।
फार्मेसी को लेकर उन्होंने कहा कि झांसी में 12 करोड़ रुपये की लागत से भारत की पहली आधुनिक अनुसंधानशाला खुल रही है। इसके बाद यहां हर्बल प्लांट लगाए जा सकेंगे। फार्मेसी के जरिए झांसी के कई लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि दिव्यांगों, महिलाओं को वरीयता देकर उनकी जमीनों का उपयोग करके बिना पानी की कई औषधियां लगाई जाएं। इसके साथ ही आदिवासी, वैद्यों की खोज कर उनकी जड़बूटियों को फार्मेसी के जरिए बढ़ावा दिया जाए।
वहीं, आयुष मंत्री श्रीपाद नाईक ने कहा कि मोदी सरकार ने आयुष को बढ़ावा देने का संकल्प ले रखा है। अभी तक देश के दो दर्जन केंद्रीय शोध संस्थानों के चिकित्सालयों में आईएमपीसीएल ही दवाओं की सप्लाई करता है। इस फार्मेसी के खुलने के बाद काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश में पांच और वैशज संग्रहालय खोले जाएंगे। महानिदेशक डॉ. के एस धीवान ने सभी का आभार जताया। इस दौरान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरविंद कुमार, बीयू कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे, क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. रमाशंकर सिंह, डॉ. राजेश मुडिया, डॉ. ऋषि सक्सेना, डॉ. बीएल तिवारी, डॉ. डीके भट्ट आदि उपस्थित रहे।
डेढ़ साल में बनकर तैयार होगी फार्मेसी
बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्री उमा भारती व श्रीपाद नाईक ने जिस फार्मेसी का आज शिलान्यास किया है, इसके निर्माण में दो साल और लग जाएंगे। क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान में बनने वाली यह देश की पांचवीं सरकारी फार्मेसी है। इसके लिए मोदी सरकार ने 30 करोड़ रुपये का बजट तय किया है, इसमें से 12 करोड़ रुपये जारी भी हो गए हैं। नाईक ने जल्द ही 18 करोड़ रुपये और जारी करने का भरोसा दिया है। इस फार्मेसी में बनने वाली आयुर्वेदिक दवाओं को केंद्रीय शोध संस्थानों और उसमें बने अस्पतालों में भेजा जाएगा।
इसके साथ ही नई-नई दवाओं की भी खोज की जाएगी। पहले चरण में फार्मेसी में पचास प्रकार की दवाएं बनाई जाएंगी। यहां पर पाउडर, टैबलेट, कैप्सूल, क्वाथ दवाओं के सभी प्रकार तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही औषधियां ईजाद करने के लिए वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया जाएगा। ग्वालियर रोड क्रासिंग के ठीक बगल में खाली पड़ी संस्थान की जमीन पर 35 से 40 कम सींच वाले पौधे और 200 से 500 अशोक के पेड़ लगवाए जाएंगे।
दक्षिणा के लिए पैसे वालों को पकड़ो
फार्मेसी की नींव रखने के दौरान उमा भारती का मजाकिया अंदाज भी देखने को मिला। पूजा के दौरान जब दक्षिणा चढ़ाने का वक्त आया तो उमा ने कहा कि पैसे वाले कौन-कौन लोग खड़े हैं देखो, फिर वह खुद ही चारों तरफ देखने लगीं। इसके बाद खुद ही नाम ले लेकर उन्होंने भाजपाइयों को बुलाना शुरू कर दिया और बोली लाओ दक्षिणा के लिए पैसे। अब जब उमा कह रहीं हैं, तो भला कौन जेब ढीली करने से मना कर देता। किसी ने दो सौ, किसी ने तीन सौ तो किसी ने पांच सौ रुपये दक्षिणा के लिए निकालकर उमा के हाथ में रख दिए।
श्रीपाद को संत नाम दिया
उमा ने केंद्रीय मंत्री श्रीपाद को नया नाम संत दे दिया। उमा ने बताया कि वह श्रीपाद को काफी समय से जानती हैं। स्वभाव से नाईक बहुत शांत हैं। हर बात शांति से सुनते हैं और सुलझाते हैं। इसलिए उन्हें संत नाम दिया है।