झांसी। कूड़ा उठाने के काम में लगी छह कंपनियों पर तलवार लटकी हुई है। निगम प्रशासन इनसे करार खत्म करके नई व्यवस्था शुरू करने जा रहा है, जिसमें वार्ड का कूड़ा वार्ड में ही खत्म किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक वार्ड में डिस्पोजल मशीनें लगेंगी। घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था में भी बदलाव होगा। अप्रैल माह से इसके शुरू होने की उम्मीद है।
नगर निगम ने व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए कूड़ा उठाने में लगी मुस्कान ज्योति समिति, अर्वा एसोसियेट, एसआर मैप टैक्नो, ओम मोटर्स एंड कंस्ट्रक्शन, सोसाइटी फॉर एजुकेशन एंड वेलफेयर फॉर ऑल एवं जेआरएम ग्रुप को नोटिस दिया है। नोटिस के बाद इन कंपानियों से करार खत्म करके दूसरी एजेंसियों को मौका दिया जाएगा। शहर से रोजाना करीब 250 मैट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इसके निस्तारण के लिए निगम के पास कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। पूरा कूड़ा खुले में डंप होता है। निगम प्रशासन को एनजीटी से नोटिस भी मिल चुका है। इसे देखते हुए सफाई व्यवस्था में बदलाव की तैयारी है। इंदौर शहर की तर्ज पर प्रत्येक वार्ड का कूड़ा वहीं खत्म करने के लिए खास डिस्पोजल मशीन लगेगी, सभी 60 वार्डों में यह मशीन लगेगी। निगम अफसरों के मुताबिक प्रत्येक वार्ड से करीब 4000 किलो कूड़ा निकलता है। इसमें 3000 किलो गीला कूड़ा होता है। इसे वार्ड में ही री-साईकिल किया जाएगा। घरों से गीला-सूखा कूड़ा अलग-अलग उठाने के लिए अनुभवी एजेंसियों को मौका दिए जाने की तैयारी है। अलग-अलग वार्डों में कुल मिलाकर 1.65 लाख घरों से रोजाना कूड़ा उठाना है। हर 700 घरों का एक ब्लॉक बनेगा। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। अप्रैल माह तक इस व्यवस्था को लागू करने की कोशिश की जा रही है।
खर्च होंगे 7.32 करोड़
कूड़ा उठाने की व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए नगर निगम कुल 7.32 करोड़ रुपये खर्च करेगा। यह धनराशि 14वें वित्त आयोग से मिली रकम से खर्च होगी। इसके जरिए कूड़ा एकत्रित करने के लिए 5.40 करोड़ की लागत से 120 गाड़ियां, 1.60 करोड़ से फीकल स्लज केरिंग वाहन एवं कूड़ा परिवहन के लिए चार छोटे वाहनों पर 32 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस रकम को कमेटी मंजूर भी कर चुकी है।