झांसी। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए मॉडल स्कूल को प्रदेश सरकार ने ‘समाजवादी अभिनव विद्यालय’ का नाम दिया है। इसका संचालन नवोदय विद्यालय की तर्ज पर किया जाएगा। आगामी शिक्षण सत्र से विद्यालय का संचालन प्रारंभ करने की तैयारी है।
हर बच्चे के लिए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट तक की शिक्षा का रास्ता सुगम बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा पांच वर्ष पूर्व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान शुरू किया गया था। इसके तहत जिले में तीन मॉडल स्कूल खोले जाने की योजना थी। इस पर काम शुरू भी कर दिया गया था।
बामौर विकास खंड के कुरैठा में विद्यालय भवन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। जबकि, चिरगांव के पिपरा व मोंठ ब्लाक के कुम्हरार में निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। हालांकि, अब मॉडल स्कूलों के संचालन से केन्द्र सरकार ने हाथ पीछे खींच लिए हैं। अब इनका संचालन प्रदेश सरकार को करना होगा। इसकी तैयारियां भी प्रारंभ कर दी गईं हैं।
आगामी शिक्षण सत्र 2016-17 से बामौर विकासखंड के कुरैठा में निर्मित हो चुके विद्यालय के संचालन की तैयारी है। प्रदेश शासन द्वारा विद्यालय को ‘समाजवादी अभिनव विद्यालय’ का नाम दिया है। इसका संचालन नवोदय विद्यालय की तर्ज पर किया जाएगा। विद्यालय की मान्यता यूपी बोर्ड की बजाय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से ली जाएगी। इसमें कक्षा छह से बारहवीं तक की शिक्षा का प्रबंध रहेगा। इसके अलावा बच्चों को आवासीय सुविधा भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
सड़क, पानी व बिजली होगी दुरुस्त
झांसी। बामौर विकासखंड के कुरैठा में निर्मित विद्यालय का प्रथम शिक्षण सत्र अप्रैल 2016 से शुरू करने की तैयारी है। जिलाधिकारी अनुराग यादव ने लोक निर्माण विभाग विद्यालय तक पहुंचने के मार्ग को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। जबकि, जल निगम व विद्युत विभाग को पानी व बिजली की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है।
‘विकासखंड के कुरैठा में समाजवादी अभिनव विद्यालय संचालित किया जाएगा। आगामी शिक्षण सत्र से इसके संचालन की तैयारी है। यहां ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को नि:शुल्क आवासीय सुविधा के साथ शिक्षा दी जाएगी।’
- मनोज कुमार द्विवेदी, संयुक्त शिक्षा निदेशक
पीपीपी मॉडल में जा सकते हैं दो स्कूल
झांसी। चिरगांव के पिपरा व मोंठ ब्लाक के कुम्हरार में निर्माणाधीन आवासीय विद्यालयों का संचालन पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरर्शिप) मॉडल पर करने की तैयारी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार उक्त दोनों स्कूल प्राइवेट पार्टनरों के साथ अनुबंध के आधार पर संचालित किए जाएंगे। यहां रियायती दरों पर बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि, इस संबंध में अभी दिशा निर्देश नहीं आए हैं।