फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: डेढ़ करोड़ का कर्ज चुकाकर आत्मनिर्भर बनीं छह हजार महिलाएं

Sat, 18 Jul 2026 02:27 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। कभी परिवार की आमदनी बढ़ाने के लिए छोटे-मोटे काम तक सीमित रहने वाली स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आज सफल उद्यमी बन चुकी हैं। टेक होम राशन (टीएचआर) निर्माण के जरिये न केवल उन्होंने डेढ़ करोड़ रुपये का कर्ज समय से चुका दिया, बल्कि अब लाखों रुपये का मुनाफा भी कमा रही हैं। खास बात यह है कि ये महिलाएं केवल मजदूरी या मानदेय पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि अपनी कंपनी की शेयरधारक भी हैं और लाभांश की हिस्सेदार बन रही हैं।
विज्ञापन

जनपद के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए टीएचआर तैयार करने का जिम्मा सक्षम प्रेरणा लघु उद्योग इकाई (भोजला) और प्रेरणा लघु उद्योग इकाई (घुरैया, गुरसराय) संभाल रही हैं। करीब चार वर्ष पहले शुरू हुई इन इकाइयों से आज 600 स्वयं सहायता समूह जुड़े हैं। प्रत्येक समूह में 10 महिलाएं हैं। इस तरह छह हजार से अधिक महिलाएं इस पहल से रोजगार प्राप्त कर रही हैं।

मेहनत से बदली तस्वीर
टीएचआर निर्माण के बदले महिलाओं को नियमित मानदेय मिलता है। इसके साथ ही उन्होंने अपने समूहों की बचत कंपनी में निवेश कर शेयरधारक बनने का निर्णय लिया। इसका परिणाम यह हुआ कि अब उन्हें मानदेय के अलावा लाभांश भी मिलने लगा है। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत हुई है।
विज्ञापन


डेढ़ करोड़ का कर्ज लौटाया, 30 लाख का लाभ कमाया
बाल विकास विभाग ने शुरुआत में दोनों इकाइयों को संचालन के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई थी। महिलाओं ने बेहतर प्रबंधन और निरंतर उत्पादन के दम पर पूरी राशि वापस कर दी। इतना ही नहीं, कंपनियों ने करीब 30 लाख रुपये का लाभ भी अर्जित किया। लाभांश के रूप में प्रत्येक संबंधित ब्लॉक को लगभग 10-10 लाख रुपये दिए जाएंगे।

हजारों परिवारों की बदली आर्थिक स्थिति
इन इकाइयों ने महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें उद्योग संचालन, वित्तीय प्रबंधन और सामूहिक उद्यमिता का अनुभव भी दिया। इसका लाभ उनके परिवारों की आय, बच्चों की शिक्षा और सामाजिक सम्मान में भी दिखाई देने लगा है।

टीएचआर बनाने वाली दोनों इकाइयों से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की सदस्य काम करने के साथ-साथ कंपनी की शेयरधारक भी हैं। उन्हें मानदेय के साथ लाभांश भी मिल रहा है। - सुनील कुमार सिंह, प्रभारी, एनआरएलएम, झांसी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें