सौभाग्य योग में राखी बांधेंगी बहनें
झांसी। कई सालों बाद रक्षाबंधन पर इस बार भद्रा का साया नहीं है। चंद्रमा के श्रवण नक्षत्र में रहने, मकर राशि में भ्रमण करने और सौभाग्य योग होने से यह पर्व भाई और बहनों के लिए विशेष फलदायक साबित होगा। वह वर्ष भर सुख और समृद्धि से परिपूर्ण रहेंगे।
हिंदू धर्म में रक्षाबंधन का विशेष धार्मिक महत्व है। श्रावण पूर्णिमा रक्षाबंधन को लेकर हर साल बहनों एवं भाइयों में विशेष उत्साह रहता है। बहनें अपने भाइयों का तिलक कर उनकी लंबी आयु की कामना ईश्वर से करती हैं। जबकि भाई अपनी बहन क ी रक्षा का संकल्प लेते हैं और उन्हें अनमोल उपहार भी देते हैं। पंडित शांतनू पांडेय के अनुसार सुबह 5:49 बजे से शाम 6:1 बजे तक राखी बांधने के लिए बेहद शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दौरान सौभाग्य योग होने से यह विशेष फलदायक रहेगा। उनके अनुसार बहनें सबसे पहले राखी अपने आराध्य देव को अर्पित करें और भाई के सुखद जीवन की कामना करें। इसके बाद वह अपने भाइयों को राखी बांधें।
झूला झूले राधा संग नंद किशोर....
झांसी। सावन मास के समापन एवं रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में गोपाल जी मंदिर में श्रावण मास समारोह महासमिति एवं युवा ब्राह्मण महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में सांस्कृतिक आयोजन हुआ। इसमें कलाकारों ने झूला गीत सुनाए।
मुन्ना मासूम, मुकेश वर्मा, सुदामा सोनी, हरविंद कुमार नीरज, राम कुमार तिवारी ने झूला झूल रहे नंदलाल, मथुरा की कुंज गलिन में एवं सावन में झूला झूले राधा संग नंद किशोर... को मोहक अंदाज में गाया। इस अवसर पर रवीश त्रिपाठी, सुशीला दुबे, संध्या त्रिपाठी, राधे चौबे, मनोज पाठक आदि मौजूद रहे। इधर श्रावण मास समारोह महासमिति के तत्वावधान में फूटा चौपड़ा स्थित श्री पंचमुखी महादेव मंदिर में भगवान का फूलों से भव्य श्रृंगार किया गया। बर्फ की झांकी भी सजायी गई। रवि तिवारी और उनके साथियों ने शिव कलेवा के बुंदेली गीत गाए। महादेव को 56 भोग का प्रसाद अर्पण किया। इस अवसर पर प्रदीप यादव, राजेंद्र सिंह कुशवाहा, कैलाश सक्सेना आदि मौजूद रहे। मढ़िया मुहल्ला स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं ने महाकालेश्वर का भव्य श्रृंगार किया। इसके बाद प्रसाद वितरण हुआ। इस अवसर पर पुजारी रामेश्वर प्रसाद उपाध्याय, वीरेंद्र खंडेलवाल, अवधेश कंचन, चिंटू चौरसिया आदि मौजूद रहे।