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Jhansi News: ये मेडिकल कालेज है जनाब...यहां पानी का है बड़ा संकट, गंदगी की भरमार

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बदहाली पर नहीं किया का ध्यान, वार्डों में लगे नल और लिफ्ट हैं खराब, नाले में गंदगी से मच्छरों का प्रकोप
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नगेश शर्मा

झांसी। लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज बदहाली का शिकार है। भले ही यहां संसाधनों की देखरेख और इलाज के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हों, लेकिन भीषण गर्मी में यहां की अव्यवस्थाएं मरीजों के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं। वार्डों में लगे नल खराब पड़े हैं। नाले की गंदगी से मच्छर फैल रहे हैं और चारों ओर बदबू रहती है। दो लिफ्ट लंबे समय से बंद हैं। मेडिकल कॉलेज की इस दुर्दशा पर किसी का ध्यान नहीं है।
वार्डों में जाने के लिए मुख्य द्वार से प्रवेश करने पर एक वाटर कूलर लगा है, जो खराब है। इसके अलावा पहली मंजिल पर पानी की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दी। महिला वार्ड में लगा एक कूलर बंद था। वार्ड इंचार्ज सोनिया ने बताया कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण कूलर बंद है, जल्द ही ठीक हो जाएगा। सर्जरी पुरुष वार्ड तीन के बाहर लगे चैनल पर पान मसाले की पीक पड़ी हैं। लगता है महीनों से यहां सफाई नहीं की गई। देहात क्षेत्र से भाई का इलाज कराने आई सुमन ने बताया कि वार्ड के बाहर दो नल लगे हैं, लेकिन पानी नहीं है। पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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ओपीडी आएं तो पानी की बोतल साथ लाएं

ओपीडी की लंबी गैलरी में लगभग सभी बीमारियों के डाॅक्टर बैठते हैं। सुबह से ही मरीज यहां आना शुरू हो जाते हैं। गैलरी इतनी लंबी है कि एक तरफ से दूसरे तरफ जाने में किसी भी वृद्ध व्यक्ति की सांस फूल जाएगी। इसके लिए न तो व्हीलचेयर का इंतजाम है और न ही पीने के पानी की कोई व्यवस्था। गैलरी के बीच में मरीजों के बैठने के लिए जहां व्यवस्था की गई है वहां एक भी पंखा नहीं लगा है। ऐसे में मरीज को ओपीडी में आना है तो पानी की बोतल साथ लानी होगी।

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टीबी वार्ड पर धूल का साया, कैसे ठीक होंगे मरीज

यूं तो टीबी के मरीजों को धूल से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन मेडिकल कॉलेज के टीबी वार्ड के ठीक सामने गंदगी का अंबार है। यहां दिनभर धूल रहती है। हालांकि इस भवन के बरामदे में स्मार्ट टीबी वार्ड बना है, लेकिन यहां इलाज की कब व्यवस्था होगी इसकी जानकारी सीएमएस भी नहीं दे सके। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य के चलते यहां गंदगी है। लेकिन सवाल ये है कि इतनी गंदगी के बीच टीबी के मरीज कैसे ठीक हो सकते हैं।
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गर्मी को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में पानी, पंखे, कूलर की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। यदि कहीं कमी है तो उसे दुरुस्त कराया जाएगा। लिफ्ट जल्द ठीक कराई जाएंगी।

- डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज
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