सीपरी ओवरब्रिज का दूसरी बार निकाला टेंडर
झांसी। छह माह से बंद चल रहे सीपरी बाजार ओवरब्रिज के अधूरे को काम को पूरा कराने के लिए दोबारा टेंडर निकाला गया है। साढ़े दस करोड़ के बाकी काम के लिए पांच अगस्त तक निविदाएं मांगी गईं हैं। अगर, इसके बाद भी कोई कंपनी तैयार नहीं हुई तो उनसे काम करने में आ रही दिक्कतों के बारे में पूछा जाएगा। फिर सहूलियतों के हिसाब से ही टेंडर आमंत्रित होगा।
सीपरी बाजार ओवरब्रिज के अधूरे काम को पूरा कराने के लिए 28 जून तक टेंडर मांगे थे, लेकिन तय तिथि तक किसी ने आवेदन नहीं किया। निर्माण शाखा ने अब कंपनियों से बात करने के बाद दोबारा टेंडर निकाला है। पांच अगस्त तक ऑनलाइन टेंडर भरे जाने हैं। एक निर्माण शाखा के अधिकारी के अनुसार अगर इस बार भी किसी कंपनी ने टेंडर नहीं डाला तो उनको बुलाकर दिक्कतों के बारे में पूछा जाएगा। उनको कार्यस्थल दिखाया जाएगा। साथ ही दिक्कतों को दूर उनको काम में सहूलियत दी जाएगी।
मालूम हो कि प्रदेश सरकार ने 2012 में ओवरब्रिज निर्माण को स्वीकृति दी थी। राज्य सेतु निगम अपने हिस्से का काम 2016 में पूरा कर चुका है। जबकि, रेलवे अपने हिस्से का काम पिछले पौने तीन साल से कर रहा है। रेलवे ने दिल्ली की मैक्स आउट इंफ्रा स्ट्रक्चर कंपनी को ठेका दे रखा है। कंपनी को 22 करोड़ के काम को दो साल में पूरा करके देना था। मगर, कंपनी पौने तीन साल में अपने हिस्से का 55 फीसदी ही काम पूरा कर सकी है।
यह भी जानिए
सीपरी बाजार ओवरब्रिज का पिछले एक साल से गार्डर न मिलने के कारण काम लटका है। कंपनी बार-बार कहती रही कि स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड से लोहा न मिलने के कारण गार्डर नहीं बन पा रहे हैं। यहां के लिए उत्तराखंड के काशीपुर से गार्डर बनकर आने हैं। वहीं, तीसरी रेल लाइन के बीच आ रहे पुलों के लिए गार्डर बराबर मिल रहे हैं। इस पर निर्माण शाखा के अफसरों को शंका होने पर कंपनी की कार्य प्रणाली की जांच करवाई थी। जांच में पता लगा कि कंपनी ने सेल में पैसा ही जमा नहीं किया, इससे गार्डर नहीं मिल पा रहे हैं।
रेल प्रशासन को धोखे में रखने पर पिछले दिनों कंपनी का टेंडर निरस्त कर दिया गया। बाकी काम के लिए नए सिरे से टेंडर मांगे गए थे। 28 जून तक टेंडर आमंत्रित किए गए थे, लेकिन तय तिथि तक किसी ने आवेदन नहीं किया। अब एक बार फिर नए सिरे से टेंडर मांगे गए हैं।
ये काम बाकी
अभी पटरियों के ऊपर 50 मीटर के छह और सीपरी बाजार टंकी की तरफ 36 मीटर के छह गार्डर रखने का काम बाकी रह गया है। गार्डर आने के बाद पहले सीपरी बाजार टंकी की तरफ 36 मीटर के छह गार्डर रखने का काम होना है। इसके बाद एक साथ 50 और 36 मीटरों के गार्डर के बीच शटरिंग लगाने, सरिया बांधने और सड़क बनाने का काम होगा।