हवाई पट्टी के विस्तारीकरण में सिमरधा गांव की जमीन न लिए जाने की मांग को लेकर गांव की महिलाओं ने बृहस्पतिवार को एक दिवसीय उपवास रखा। इस दौरान महिलाओं ने कहा कि जमीन लिए जाने से गांव के निवासी बेरोजगार और बेघर हो जाएंगे।
सामूहिक उपवास पर बैठी महिलाओं ने कहा कि सिमरधा गांव की जमीन पहले ही कई सरकारी योजनाओं के लिए अधिग्रहित की जा चुकी है। शेष बची जमीन के सहारे ग्रामीण अपना जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसे में इस जमीन के भी चले जाने से उनके पास जीविकोपार्जन का कोई साधन नहीं रहेगा। उन्होंने हवाई अड्डे का निर्माण सिमरधा की जगह कहीं और कराए जाने की मांग की।
इस मौके पर सरोज, आशा देवी, रामकुमारी सिंह, मुन्नी देवी, कलावती कुशवाहा, रानी देवी, उर्मिला देवी, कस्तूरी देवी, गायत्री सिंह, अनीता, मुनिया देवी, रीता, प्रीति कुमारी, सजन, ऊषा देवी श्रीवास, किशोरी देवी, प्रीति देवी आदि मौजूद रहीं।