शिकायत की नौबत पर बनी विकास की बात!
क्षेत्र में काम न होने से असंतुष्ट भाजपा पार्षद मंडलायुक्त को अपना दर्द बयां करने जा रहे थे
मची खलबली, छुट्टी के दिन भी पार्षदों को नगर निगम बुलाया गया
आकस्मिक बैठक में रुकी हुई डेढ़ सौ फाइलों को दी गई स्वीकृति
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महानगर के विभिन्न वार्डों के रुके पड़े विकास कार्यों की लगभग डेढ़ सौ फाइलों को नगर आयुक्त ने मंगलवार को मंजूरी दे दी। बताया गया कि नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली से रुष्ट पार्षद मंडलायुक्त से शिकायत करने जा रहे थे। इसकी जानकारी होने पर पार्षदों की आकस्मिक बैठक बुलाई गई। बातचीत के बाद प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई।
नगर निगम के अभियंत्रण विभाग की मंजूरी के बाद भी कई फाइलों को मंजूरी नहीं मिल पाई थी। पार्षद लगातार नगर निगम के चक्कर काट रहे थे। कई पार्षदों ने मंडलायुक्त से नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए मुलाकात करने का समय मांगा था। इसकी जानकारी नगर निगम प्रशासन को हुई तो छुट्टी का दिन होने के बावजूद मंगलवार को कई पार्षदों की बैठक बुला ली गई। बैठक में नगर आयुक्त ने पार्षदों से बात की और समस्याएं सुनीं।
पार्षदों ने नई सड़कों का निर्माण और पुरानी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, पार्क निर्माण, विद्युत पोल, एलईडी लाइटें लगवाने, कुओं की मरम्मत कराने, सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने, पुलिया निर्माण कराने आदि की मांग की। इस पर नगर आयुक्त ने विभिन्न कार्यों के लिए आगणन बनाने का आदेश दिया। सभी वार्डों के कुओं, हाई मास्ट विद्युत पोल का सर्वे कराने का आदेश दिया। अधीनस्थों को निर्देश दिए कि वार्डों के कार्यों के एस्टिमेट बनाकर सभी अधिकारियों से हस्ताक्षर करा लें। वरना शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी। ठेकेदार यदि समय पर कार्य शुरू नहीं कर रहे तो उन्हें नोटिस जारी किया जाए। साथ ही, मंगलवार को स्वीकृत की गईं सभी फाइलों का जल्द टेंडर कराया जाए।
बैठक में नगर आयुक्त मनोज कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह, चीफ इंजीनियर एलएन सिंह समेत उप सभापति अनिल सोनी, पार्षद दिनेश प्रताप सिंह, विद्या प्रकाश दुबे, प्रदीप नगरिया, किशोरी रायकवार, सुरेंद्र कुमार साहू, सुनील नैनवानी, अमन राय, रमा कुशवाहा, इंदु वर्मा, पुष्पेंद्र यादव, मुकेश सोनी, निर्दोष अग्रवाल, प्रदीप खटीक, राजेश त्रिपाठी, राजकुमारी यादव, पुष्पेंद्र वर्मा, आदर्श गुप्ता मौजूद रहे।
कमीशनबाजी और भेदभाव का आरोप
वार्ड 40 के पार्षद सुरेंद्र कुमार साहू ने आरोप लगाया है कि नगर निगम में सिर्फ बीजेपी पार्षदों के काम नहीं हो रहे हैं। पुराने पार्षदों के काम हो रहे हैं, क्योंकि लंबे समय से तैनात अधिकारियों की नस उनसे दबी हुई है। आरोप लगाया कि 25 फीसदी कमीशन पर काम होता है। 30 प्रतिशत बिलों में टेंडर उठाया जाता है। भला 40-45 प्रतिशत बजट में कैसे गुणवत्तापूर्ण काम होगा। इसी वजह से चंद महीनों में सड़कें उखड़ जा रही हैं। वहीं, वार्ड 60 के पार्षद प्रदीप नगरिया ने आरोप लगाया कि जब नगर आयुक्त को रुष्ट पार्षदों के कमिश्नर से मिलने जाने की बात पता चली तब उन्होंने समस्याएं सुनने के लिए पार्षदों को आमंत्रित किया। इन आरोपों को लेकर नगर आयुक्त से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
‘अपर आयुक्त ने नगर आयुक्त को फोन करके बताया था कि कुछ पार्षद ज्ञापन लेकर आए हैं। इस पर पार्षदों को मंगलवार को ज्ञापन देने के लिए बुलाया गया था। कोई बैठक नहीं हुई है। सभी 60 वार्डों के कार्यों की स्वीकृति पहले ही हो चुकी है। नगर आयुक्त के स्तर पर एक भी फाइल लंबित नहीं थी। चीफ इंजीनियर से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उनके स्तर पर फाइलें क्यों लंबित रहीं ’
रोहन सिंह, अपर नगर आयुक्त
‘भाजपा के सभी पार्षद नगर निगम की कार्यशैली से असंतुष्ट थे। जबसे सभी निर्वाचित हुए हैं तब से उनके विकास कार्यों की फाइल लंबित पड़ी थीं। काम न होने के पीछे कोई वाजिब कारण भी नहीं बताया जाता था। आजिज आकर सभी ने मंडलायुक्त से अपना दर्द साझा करने के लिए समय मांगा। इस पर मंडलायुक्त कार्यालय से नगर आयुक्त को पार्षदों की समस्या सुनने और उनके समाधान के निर्देश दिए गए। इसके बाद सभी संबंधित पार्षदों को सोमवार रात फोन कर मंगलवार को छुट्टी के बावजूद बुलाया गया। वहां नगर आयुक्त ने 148 फाइलों को तत्काल स्वीकृति दे दी। बैठक में सभी 26 पार्षद भाजपा के थे ’
अनिल सोनी, उप सभापति नगर निगम