शिवराज को फायदा, महाराज को झटका
झांसी । मध्यप्रदेश विधानसभा उपचुनाव के 28 सीटों पर घोषित परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने जहां 19 सीटों पर अपना परचम फहराया तो 9 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। हालांकि, ग्वालियर की एक सीट पर परिणाम घोषित होने के बाद भी कांग्रेसी मतदान स्थल पर डटे हैं तथा फिर से मतगणना करने की मांग कर रहे हैं।
बुंदेलखंड में भाजपा पिछले चुनाव के मुकाबले फायदे में रही है, पर कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ माने जाने वाले चंबल अंचल की 16 सीटों में से पांच सीटें भाजपा हार गई है, जो कि सिंधिया के लिए एक झटका है। सिंधिया के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बनी डबरा सीट पर भी इमरती देवी चुनाव हार गई हैं। मुरैना में भी पांच में से तीन सीटें झटकने में कांग्रेस कामयाब रही। इसके अलावा शिवपुरी जिले की करैरा सीट पर सिंधिया समर्थक भाजपा प्रत्याशी को हार का मुंह देखना पड़ा है। उधर बुंदेलखंड में कमल निर्बाध रूप से खिला है। सागर के सुर्खी से लेकर बड़ा मलहरा तक सभी जगह कमल खिला है। लेकिन,सिंधिया समर्थक मंत्री इमरती देवा और एंदल सिंह कंसाना चुनाव हार गए हैं।
मध्य प्रदेश में जीते विधानसभा प्रत्याशी
सीट पार्टी प्रत्याशी
सुर्खी- गोविंद सिंह (भाजपा)
बड़ा मलहरा- प्रद्युम्न सिंह लोधी(भाजपा)
भांडेर - रक्षा संतराम सिरौनिया(भाजपा)
सांवेर - तुलसीराम सिलावट (भाजपा)
डबरा - सुरेश राजे (कांग्रेस)
पोहरी- सुरेश धाकड़(भाजपा)
करैरा - प्रागीलाल जाटव (कांग्रेस)
ग्वालियरपूर्व - प्रद्युम्न सिंह तोमर(भाजपा)
आगरमालवा- बिपिन बानखेड़े (कांग्रेस)
सुमावली - अजब सिंह (कांग्रेस)
जौरा - राकेश सिंह सिकरवार(भाजपा)
अशोक नगर - जजपाल सिंह(भाजपा)
मुरैना -राकेश मावई (कांग्रेस)
दिमनी ृ- रवींद्र सिंह तोमर (कांग्रेस)