झांसी। महानगर में सड़कों की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। कभी पाइपलाइनें बिछाने, तो कभी केबल डालने के नाम पर सड़कों को खोद दिया गया है। आलम यह है कि महानगर में करीब 40 फीसदी सड़कें ऐसी हैं, जो टूटी पड़ी हैं। मगर जिम्मेदार कोई कार्रवाई ही नहीं कर रहे हैं। कार्यदायी संस्थाओं को एनओसी देने के बाद नगर निगम भी सड़कों को फिर से बनाना भूल जाता है। इसे लेकर शिकायतें मुख्यमंत्री से लेकर हर विभाग में पहुंच चुकी हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। वहीं, महानगर में तमाम अन्य सड़कों पर गड्ढे लोगों की परेशानी का सबब बन रहे हैं।
शिवाजी नगर से नारायण बाग मार्ग
महानगर के शिवाजी नगर से नारायण बाग मार्ग का हाल बदहाल हो गया है। पाइपलाइनें डालने के बाद जल निगम ने सड़क का निर्माण नहीं कराया है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। नगर निगम की ओर से भी कई बार जल निगम को पत्र लिखा गया है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गई है। साथ ही, गड्ढों में गिरकर आए दिन लोग चुटहिल हो रहे हैं।
गल्ला मंडी से लक्ष्मीगेट मार्ग
महानगर के गल्ला मंडी से लक्ष्मी गेट जाने वाले मार्ग पर गड्ढे हैं। इन गड्ढों से जल निगम के बाल्व बाहर निकल रहे हैं। तेज रफ्तार में बाल्व न दिखने से आए दिन हादसे होते हैं। वार्ड की पार्षद ने इसे लेकर कई जल निगम से शिकायत की, लेकिन अब तक न तो इनको बंद किया गया और न ही कोई अन्य बंदोबस्त किया गया।
महावीरन से पुलिया नंबर नौ मार्ग
शहर के महावीरन से पुलिया नंबर नौ मार्ग भी गड्ढों का शिकार है। यहां पर पाइपलाइन लीकेज होने के चलते गड्ढे हो गए हैं। लोगों ने कई बार निगम अधिकारियोें से शिकायत की। लेकिन हर बार बजट न होने का हवाला देकर शिकायत अनसुनी कर दी जाती है।
आजाद गंज में एक महीने में उखड़ गई सड़क
महानगर के आजादगंज में बांबे मॉडल शॉप वाले मार्ग पर एक महीने पहले नगर निगम ने एपेक्स बिछाए थे। इस मार्ग के निर्माण में इतनी घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया कि सड़क एक महीने भी न चल सकी। पार्षद राजू साहू की ओर से नगर निगम में ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की मांग को लेकर शिकायत की गई है, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
जियो कंपनी को दिया गया नोटिस
महानगर की सड़कों की दुर्दशा को लेकर नगर निगम के मुख्य अभियंता ने जियो कंपनी को नोटिस देकर सड़कों को एक सप्ताह में ठीक कराने के लिए कहा है। मुख्य अभियंता एस अंबेडकर ने जियो कंपनी को नोटिस देकर कहा है कि सड़कों को काटकर दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। आए दिन इसकी शिकायतें मिल रही हैं। एक सप्ताह में सड़क सही न होने पर आगे एनओसी नहीं दी जाएगी।
बोले लोग
महानगर की सड़कों का हाल बदहाल है। सड़कें खराब होने से दिक्कत होती है। कई बार निगम अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं।- अजीत कुमार
सड़कों की दुर्दशा को लेकर कोई पहल नहीं हो रही है। पाइपलाइन डालने के लिए सड़क खोद दी जाती है, लेकिन बनाने कोई नहीं आता।- रामू कुशवाहा
बीकेडी से चित्रा चौराहे जाने वाले मार्ग की स्थिति खराब हो गई है। यहां से तमाम अफसर गुजरते हैं, लेकिन किसी को सड़क दिखती नहीं है।- अमर
सड़कों को खोद दिया जाता है, लेकिन फिर बनाया नहीं जाता। आए दिन केबल डालने के लिए सड़कें काटी जा रही हैं।- जगदीश