झांसी। आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के फीडबैक को लेकर सोमवार को डीएम गौरांग राठी ने जूम मीटिंग के जरिये समीक्षा बैठक की। ऐसे में कई विभाग लक्ष्य पर खरे नहीं उतर पाए। असंतोषजनक फीडबैक की भरमार होने पर डीएम ने कई विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
समीक्षा बैठक में जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) को 522 फीडबैक संतोषजनक लाने का लक्ष्य डीएम की ओर से निर्धारित किया गया था, लेकिन सिर्फ 22 फीडबैक ही संतोषजनक मिले। इसी तरह, जल निगम (नगरीय) के अधिशासी अभियंता का लक्ष्य के सापेक्ष फीडबैक असंतोषजनक होने पर डीएम ने उन्हें आड़े हाथों लिया। वहीं, उप निदेशक कृषि के 184 के सापेक्ष सिर्फ 17 और जल संस्थान के 587 की तुलना में 100 फीडबैक ही संतोषजनक मिले। नगर पालिका बरुआसागर के ईओ के 50 के सापेक्ष 10 संतोषजनक फीडबैक रहे। नगर पंचायत कटेरा के ईओ को 50 संतोषजनक फीडबैक लाने का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष एक भी फीडबैक संतोषजनक नहीं रहा।
डीएम ने निर्देश दिए कि आम जनमानस की समस्याओं का गुणवत्तापरक निस्तारण करना शासन की प्राथमिकता है। असंतोषजनक शिकायतों की विभागीय अधिकारी खुद समीक्षा करें और प्राप्त फीडबैक वाली असंतोषजनक शिकायतों का भली-भांति परीक्षण करते हुए गुणवत्तापरक निस्तारण कराएं, वरना सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एडीएम (नमामि गंगे) योगेंद्र कुमार ने डीएम को 1 से 22 अगस्त तक पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के फीडबैक की जानकारी दी। एडीएम ने 62 विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि संतोषजनक फीडबैक को संवेदनशील होकर अपलोड करना सुनिश्चित करें। इस दौरान सीडीओ रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, एडीएम (प्रशासन) शिवप्रताप शुक्ल, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) पल्लवी मिश्रा, अपर नगर आयुक्त राहुल यादव, जिला पूर्ति अधिकारी सौम्या अग्रवाल आदि मौजूद रहे।