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यूपी में ड्रग्स के लिए कत्ल: 50 लाख की डील, परवेज के बैंक खाते खंगालने से रडार पर कई सिपाही; मिले गहरे रिश्ते

Mon, 21 Sep 2026 02:51 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

झांसी में एलएलबी छात्र परवेज की मौत मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। परवेज के बैंक खाते खंगालने के बाद कई सिपाही रडार पर आए हैं। ड्रग्स कारोबारियों के साथ कई सिपाहियों के गहरे रिश्ते मिले हैं। कोतवाली में तैनात दो सिपाही भी जांच के दायरे में हैं।
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jhansi parvez murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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झांसी में हुए छात्र परवेज हत्याकांड की जांच अब उसके बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन तक पहुंच गई है। पुलिस को उसके बैंक खातों को खंगालने पर कई चौंकाने वाली बात सामने आई है। इसका सिरा कुछ दूसरे पुलिसकर्मियों से भी जुड़ रहा है।
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जांच के घेरे में कई सिपाही आ गए हैं हालांकि इनकी भूमिका खंगाली जा रही हैं। इनमें कोतवाली थाने में तैनात दो सिपाही भी शामिल बताए जा रहे हैं। जांच में एक सिपाही के परवेज के साथ ऑनलाइन लेनदेन की बात सामने आई है। 

इस सिपाही के खिलाफ कुछ दिन पहले ही लूट के मामले में अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि परवेज से उसका लेनदेन किस वजह से हुआ। रकम का संबंध ड्रग्स कारोबार से था या किसी अन्य वजहों से उससे रकम ली गई।
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विदेश पैसा भेजने की आशंका
परवेज हत्याकांड में प्रेमनगर थाने का सिपाही आशीष सिंह पहले ही गिरफ्तार हो चुका। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आशीष एवं परवेज के बैंंक खातों को खंगाला। उनके बीच करीब दो लाख रुपये के लेनदेन की बात सामने आई है। बैंक खाते खंगालने पर परवेज के पास संदिग्ध लेन देन भी मिला। आशंका जताई जा रही कि विदेशों से यह पैसा दिया गया।

डिजिटल वॉलेज मिला
परवेज का डिजिटल वाॅलेट भी पुलिस को मिला। इसमें क्रिप्टो समेत डिजिटल करेंसी जमा मिली। छानबीन में मालूम चला कि हत्या से पहले ही डिजिटल वॉलेट से रकम का लेनदेन हुआ। पुलिस को इसके अहम सुराग मिले हैं। आशंका जताई जा रही कि इसमें कई सिपाही भी परवेज से जुड़े हुए थे।

कई बार उनके साथ भी पैसों के लेनदेन की बात सामने आई है।हालांकि, एसएसपी विकास कुमार का कहना है कि अभी मामले की जांच चल रही है। सभी पहलु खंगाले जा रहे हैं। जिनके खिलाफ भी साक्ष्य मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

50 लाख रुपये की ड्रग्स डील के बहाने बुलाया गया था परवेज
पुलिस की छानबीन में यह बात सामने आई कि परवेज को घर से बुलाने के लिए साहिल मिश्रा ने ही उसे फोन किया था। परवेज पहले आने को राजी नहीं हुआ, लेकिन साहिल ने कहा कि उसे पचास लाख रुपये की ड्रग्स चाहिए। इससे उसको भी मोटा कमीशन मिलेगा।

मोटी डील के लालच में आकर परवेज मिलने को राजी हो गया। मिलने पर उसे भरोसा दिलाते हुए सैंपल दिखाने के लिए बहाने पांच हजार रुपये ऑनलाइन भुगतान भी किया वहीं, छानबीन के दौरान पुलिस को कार के अंदर बनाया गया वीडियो भी मिल गया।

यह वीडियो परवेज की मौत से कुछ देर पहले कार के अंदर बना था। इस वीडियो के बनाए जाने से ही वह नाराज हो गया था। विरोध करने पर उसे कार के अंदर पीटा गया। यह वीडियो साक्ष्य के तौर पर भी पुलिस के लिए अहम साबित होगा।

चार वांछित हुए गिरफ्तार
परवेज अली हत्याकांड में वांछित चार आरोपियों को भी पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट के सामने पेश किया, यहां से सभी न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिए गए। एसएसपी विकास कुमार के मुताबिक हत्याकांड में आठ आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके। अब तक वांछित बड़ागांव गेट बाहर निवासी शुभम गुप्ता, सैंयर गेट निवासी फरहान, तलैया मोहल्ला अफाक एवं ओरछा गेट बाहर निवासी अभिषेक को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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बता दें, पैसों की वसूली के लिए 13 सितंबर को प्रेमनगर निवासी ड्रग्स कारोबारी परवेज की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस सिपाही आशीष समेत प्रयांशु सोनी, जय श्रीवास्तव उर्फ अमर, साहिल मिश्रा, भूपेंद्र वंशकार, यश शिवहरे, अर्शिल खान, शनि नामदेव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका।
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