अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पत्नी की गैर इरादतन हत्या के आरोप में एडीजे (गरौठा) के न्यायालय ने पति को सात साल की कैद और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन के मुताबिक, थाना टहरौली के टहरौली किला निवासी भोले ने अपनी पुत्री सविता (28) की शादी आठ साल पहले समथर निवासी हरिश्चंद्र पुत्र घनाराम से की थी। फरवरी 2022 को सविता पति हरिश्चंद के साथ मायके आकर रहने लगी। हरिश्चंद शराब पीने का आदी था। अक्सर उसका पत्नी सविता से विवाद होता था। 5 मार्च को भी उनके बीच विवाद हुआ। दूसरे दिन दोपहर को सविता कमरे में सो रही थी। परिवार के दूसरे सदस्य कटाई करने खेत गए थे।
दोपहर करीब दो बजे हरिश्चंद ने सो रही सविता पर कुल्हाड़ी से तबाड़तोड़ कई वार करके उसे अधमरा कर दिया। सविता सिर, गर्दन एवं चेहरे पर कई वार होने से गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे गुरसराय स्थित स्वास्थ्य केंद्र ले जाने पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता की तहरीर पर 13 अप्रैल को टहरौली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू की। विवेचक उपनिरीक्षक हरनाम सिंह ने 19 मई 2022 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। न्यायालय ने शुक्रवार को साक्ष्य के आधार पर दोषी को सजा सुनाई।