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सात दिन पहले भी हुई थी बच्चा चोरी की कोशिश

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medical college - फोटो : demo
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नौ मई को कसाईमंडी में बच्चा चोरी के प्रयास में पकड़ी गई महिला के बारे में पुलिस अभी तक न तो कोई जानकारी जुटा पायी है और न ही मामला दर्ज किया है। आरोपी महिला मानसिक रोगी बताते हुए पहले उसे मेडिकल कालेज के मनोरोग विभाग में भर्ती कराया, जहां से मेंटल हॉस्पिटल आगरा रेफर कर दिया गया। वहां वह 14 दिन चिकित्सकों की निगरानी रहेगी और तब पता लगेगा कि वह मनोरोगी है या नहीं।
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 नौ मई  को शाम करीब सात बजे कसाईमंडी निवासी  अशरफ का तीन वर्षीय पुत्र मुदस्सिन घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक महिला उसे गोद में उठाकर जाने लगी। रोने की आवाज सुन मुहल्लेवासियों ने महिला को दबोच लिया और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की पर वह कोई जानकारी नहीं दे रही थी। विक्षिप्त जैसी हरकत कर रही थी। पुलिस ने महिला को मेडिकल कालेज में भर्ती करवा दिया। रविवार को उसे आगरा रेफर कर दिया।
आश्चर्य की बात है कि पुलिस ने इस महिला के बारे में कोई जानकारी नहीं की। वह कहां की है? यहां कैसे आ गई? उसके परिवार में कौन-कौन है? इस महिला की हकीकत क्या है? इसके जवाब पुलिस के पास अभी तक नहीं हैं। पुलिस ने उस बस्ती में जाकर गहराई से तहकीकात भी नहीं की, जबकि इसके पहले भी वहां से बच्चे गायब हो चुके हैं। कानूनन पुलिस को बच्चा चोरी की रिपोर्ट दर्ज करनी थी और उसके बाद तहकीकात में जो भी पता लगता, उसके मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिये पर ऐसा नहीं हुआ। मेडिकल कालेज के डा.ज्ञानेंद्र का कहना है कि स्टाफ की कमी के कारण महिला को आगरा रेफर किया गया है। एसपी सिटी दिनेश सिंह का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पता लगा है कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। अब मेडिकल रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी। कानूनन मानसिक बीमार महिला पर मामला दर्ज नहीं किया जा सकता।
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